
छपरा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सारण जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। अब जिले के जलालपुर प्रखंड के बंगरा मौजा में 15.5 एकड़ भूमि पर आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह निर्णय पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार को मजबूती देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
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कैबिनेट ने इस परियोजना के लिए शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के स्वामित्व वाली भूमि को निःशुल्क स्थायी अंतर्विभागीय हस्तांतरण की मंजूरी प्रदान की है। इसमें कुल 21 बीघा 16 धूर (लगभग 15.5 एकड़) गैरमजरूआ मालिक परती कदीम भूमि शामिल है।
महाराजगंज के सांसद सिग्रीवाल ने की थी अनुशंसा
इस परियोजना को लेकर महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने विशेष रुचि दिखाई थी। सांसद सिग्रीवाल ने 2 जनवरी 2025 को बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, पटना के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बंगरा में डेयरी प्रोजेक्ट की स्थापना की अनुशंसा की थी। सांसद का कहना था कि यह क्षेत्र दूध उत्पादन की दृष्टि से काफी समृद्ध है और यहां आधुनिक डेयरी प्लांट बनने से स्थानीय किसानों व पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार ने इस अनुशंसा पर सकारात्मक पहल की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के स्वामित्व वाली 15.5 एकड़ गैरमजरूआ मालिक परती भूमि का स्थायी अंतर्विभागीय हस्तांतरण पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को निःशुल्क किया जाएगा।
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इस परियोजना के तहत
- डेयरी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
- स्थानीय किसानों और पशुपालकों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
- दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा।
- ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन होगा और युवाओं को आय के नए स्रोत मिलेंगे।
डेयरी प्रोजेक्ट की स्थापना से न केवल सारण बल्कि आसपास के जिलों में दूध प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य, रोजगार के नए अवसर और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
जानकारों का मानना है कि इस प्लांट के बनने से सारण और आसपास के जिलों में डेयरी उद्योग का नया अध्याय शुरू होगा। यह परियोजना न केवल किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाएगी बल्कि राज्य के दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि करेगी।
इस कदम को नीतीश सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बिहार बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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