अब घर बैठे मोबाइल फोन से बना सकते है आयुष्मान कार्ड

पिछले आठ दिनों में शिविर लगाकर बनाए गए 2,93,695 आयुष्मान कार्ड
छपरा। जिलेवासियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ देने के लिए विशेष रूप से अभियान के तहत आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में साथ ही जिले में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू होने वाली है। जिसके तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से वंचित राशन कार्ड धारकों को इस योजना से का लाभ देने के उद्देश्य से वृहत पैमाने पर वंचित लोगों का नाम जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर ही 2013 खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ऐसे राशन कार्ड धारक जिनको 2013 व 14 से राशन कार्ड की सुविधा प्राप्त है, वैसे नागरिकों को इसका लाभ मिल मिलेगा।
सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि अगर किसी लाभुक को किसी कारणवश प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का मिला है, उन लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। जिले के कोई भी लाभुक अब घर बैठे लोग अपने मोबाइल फोन पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) एप डाउनलोड कर स्वयं कार्ड बनवा सकते हैं। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि सरकार उन सभी का आयुष्मान भारत कार्ड बना सके जो गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर कर रहे है। क्योंकि योजना के तहत गरीब परिवार को चयनित अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए एप से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं लाभुक: डीपीसी
आयुष्मान भारत के जिला योजना समन्वयक (डीपीसी) नीरज कुमार ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने में लाभुकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए सरकार ने एक एप लांच किया गया है। जिसे कोई भी लाभुक अपने मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान एप डाउनलोड कर सकता हैं। जिसके बाद राशन कार्डधारी अपने मोबाइल से खुद ही आयुष्मान कार्ड बना सकते है। आयुष्मान कार्ड में आनलाइन आटो स्वीकृत प्रणाली लागू है। इसमें किसी अधिकारी या कर्मी के द्वारा राशन कार्ड की जांच नहीं की जाती है। आयुष्मान कार्ड के लिए पहले से राशन कार्ड आनलाइन है उसी के आधार पर डाटा स्वयं वेरीफाई हो जाता है। डाक्यूमेंट सही रहने पर दो मिनट के अंदर आयुष्मान कार्ड का पीडीएफ फाइल मोबाइल पर दिखने लगता है। एक राशन कार्ड में जितने भी नाम अंकित है वैसे सभी लाभुक एक ही मोबाइल पर ओटीपी मंगवा सकते हैं। ओटीपी के लिए एक घर में अलग-अलग मोबाइल की जरूरत नहीं है। लाभुक किसी भी पीडीएस दुकान या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपने कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए क्षेत्र का कोई बंधन नहीं है।
आयुष्मान कार्ड बनाने में सूबे में सातवें स्थान पर अपना जिला:
आयुष्मान भारत योजना के आईटी प्रबंधक अभिनय कुमार ने बताया कि दो मार्च से शुरू हुए इस अभियान में 10 मार्च तक कुल 3,66,485 लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें 2,93,695 लोगों का कार्ड बनाया जा सका है। जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने का अनुश्रवण राज्य स्तरीय टीम के द्वारा किया जा रहा है। पिछले आठ दिनों की रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो सारण जिला आयुष्मान कार्ड बनाने में सूबे में सातवें स्थान पर है। जिले में अब तक 2,93,695 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है। जिनमें दो मार्च को 22,143, तीन मार्च को 32,042, चार मार्च को 31,887, पांच मार्च को 31,048, छह मार्च को 31,831, सात मार्च को 32,556, आठ मार्च को 25,693, नौ मार्च को 39,343 तथा 10 मार्च को 47,152 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा सका है। इसके लिए ग्रामीण के साथ साथ शहरी इलाकों के पीडीएस दुकानों पर विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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