सारण में मदरसा शिक्षक के बेटे रैयान ने अंग्रेजी में पास किया यूजीसी नेट
जयप्रकाश विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के शोधार्थी हैं रैयान, परिवार और शिक्षकों ने दी बधाई

छपरा। शहर के नई बाजार स्थित मदरसा वारिसुल उलूम के वरिष्ठ शिक्षक मौलाना हाफिज व कारी मो. इज़हारुल हक के पुत्र मो. रैयान अली ने अंग्रेजी विषय में जून 2026 में आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। रैयान की उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय मानी जा रही है कि वे फिलहाल जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में शोधार्थी हैं और शोध के साथ राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा की तैयारी कर सफलता हासिल की है।
रैयान अली की इस सफलता से परिवार के साथ ब्रह्मपुर के निवासियों और रिश्तेदारों में भी खुशी का माहौल है। उनके चयन की खबर मिलने के बाद लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मदरसा शिक्षक के परिवार से अंग्रेजी विषय में राष्ट्रीय स्तर की सफलता
रैयान अली एक शिक्षित परिवार से आते हैं। उनके पिता मौलाना हाफिज व कारी मो. इज़हारुल हक मदरसा वारिसुल उलूम में वरिष्ठ शिक्षक हैं। उनके चाचा मो. मनीर अली भी शिक्षक रह चुके हैं और लोकमान हाई स्कूल से सेवानिवृत्त हुए हैं।
परिवार में शिक्षा के माहौल के बीच रैयान ने अंग्रेजी विषय को अपने उच्च अध्ययन और शोध का क्षेत्र बनाया। इसी क्रम में उन्होंने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में शोध कार्य शुरू किया और अब यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता हासिल की है।
शिक्षकों ने बताया नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि
रैयान की सफलता पर उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद इकबाल और जिला स्कूल के शिक्षक एवं पूर्व काजी-ए-शहर मुफ्ती डॉ. वलीउल्लाह कादरी ने उन्हें बधाई दी।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी विषय में राष्ट्रीय स्तर की यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण करना मेहनत, निरंतर अध्ययन और लगन का परिणाम है। उनकी सफलता विद्यार्थियों और नई पीढ़ी को यह संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहे तो बेहतर उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
बधाई देने वालों ने रैयान की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास जरूरी है।
सफलता का श्रेय शिक्षकों और शोध मार्गदर्शकों को
रैयान अली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोध मार्गदर्शकों को दिया है। उन्होंने प्रो. अमरनाथ प्रसाद, शोध पर्यवेक्षक प्रो. गजेंद्र कुमार, प्रो. कुमार मोती और प्रो. उदय शंकर ओझा के मार्गदर्शन को अपनी तैयारी में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि प्रो. प्रताप नारायण सिंह से उन्हें लगातार दिशा-निर्देश और प्रोत्साहन मिलता रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे अपने लक्ष्य पर केंद्रित रह सके।
परिवार और रिश्तेदारों में खुशी
रैयान की सफलता की खबर के बाद परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है। ब्रह्मपुर तथा आसपास के लोगों ने भी उन्हें बधाई दी और आगे शोध तथा शैक्षणिक क्षेत्र में बेहतर उपलब्धियों की शुभकामनाएं दीं।
परिवार के लोगों का कहना है कि रैयान ने अपनी मेहनत के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता बनाया है और उनकी यह उपलब्धि परिवार के लिए गर्व का विषय है।
इन लोगों ने भी दी बधाई
रैयान अली को बधाई देने वालों में हाजी मुहम्मद फरजंद अली, प्रो. सफदर इमाम कादरी, मदरसा फैय्याजुल उलूम के प्राचार्य हसन जमाल, मदरसा वारिसुल उलूम के प्राचार्य मौलाना इस्लामुद्दीन, डॉ. तसलीम आरिफ, डॉ. मो. अमीन, डॉ. सरफराज सिद्दीकी, मौलाना निसार अहमद मिस्बाही और हाफिज सगीर अहमद सहित अन्य लोग शामिल रहे।
रैयान की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए खुशी का अवसर है, बल्कि उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ रही नई पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरक उपलब्धि के रूप में सामने आयी है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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