सारण में बाढ़ में सेवा का जज्बा दिखाने वाले 31 अधिकारी-कर्मियों का सम्मान
अब बीमारी रोकने को गांव-गांव दवा छिड़काव

छपरा। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब सारण प्रशासन के सामने बीमारियों और गंदगी से निपटने की चुनौती है। जलजमाव वाले इलाकों में संक्रमण, डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वच्छता और दवा छिड़काव अभियान तेज करने का निर्णय लिया है। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित आठ प्रखंडों में पानी उतर चुके क्षेत्रों में चूना, गैमेक्सिन पाउडर और ब्लीचिंग पाउडर का पर्याप्त छिड़काव, व्यापक साफ-सफाई, एंटी-लार्वा अभियान और नियमित फॉगिंग कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ के बाद संभावित संक्रमण को रोकने में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जहां बाढ़ का पानी निकल चुका है, वहां तत्काल सफाई और आवश्यक रसायनों का छिड़काव कराया जाए, ताकि गंदगी और ठहरे पानी के कारण जलजनित तथा वेक्टर जनित बीमारियों के फैलने की आशंका को कम किया जा सके।
90 प्रतिशत क्षेत्रों में हो चुका ब्लीचिंग का छिड़काव
बैठक के दौरान डीएम ने सोनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे स्वच्छता कार्यों की जानकारी ली। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि जहां बाढ़ का पानी घट चुका है, ऐसे करीब 90 प्रतिशत क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा चुका है।
इसके लिए पंचायत स्तर पर प्रभारी कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव, विकास मित्र और अन्य कर्मियों की टीम गठित की गयी है। इन टीमों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी दी गयी है और कार्य की नियमित निगरानी भी की जा रही है।
डेंगू-मलेरिया की रोकथाम पर विशेष जोर
बाढ़ प्रभावित सभी प्रखंडों में अस्पतालों की चिकित्सा टीम और संबंधित विभागीय टीमों के समन्वय से एंटी-लार्वा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने कहा कि बाढ़ के बाद जमा पानी में मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों के प्रसार को रोकने के लिए अभियान समयबद्ध तरीके से चलाया जाए।
उन्होंने सभी बाढ़ प्रभावित प्रखंडों से एंटी-लार्वा छिड़काव, ब्लीचिंग पाउडर के उपयोग तथा स्वच्छता अभियान की प्रगति की जानकारी ली। जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त कार्रवाई की जरूरत है, वहां तत्काल आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
गांवों में नियमित होगी फॉगिंग
ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित इलाकों में फॉगिंग मशीन से नियमित फॉगिंग कराने का भी निर्देश दिया गया है। डीएम ने पर्याप्त संख्या में फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराने और आवश्यकता के अनुसार लगातार अभियान चलाने को कहा। इसका उद्देश्य मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करना और वेक्टर जनित रोगों के जोखिम को कम करना है।
उन्होंने फॉगिंग, दवा छिड़काव और स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों का समुचित दस्तावेजीकरण कराने का भी निर्देश दिया, ताकि किए जा रहे कार्यों की जानकारी आम लोगों तक सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पहुंचाई जा सके। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया जा सकेगा।
बाढ़ के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार नजर
बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की सतत निगरानी करने को कहा। जलजमाव वाले क्षेत्रों में सफाई, दवा का छिड़काव और मच्छर नियंत्रण के उपायों को एक साथ चलाने पर जोर दिया गया, ताकि बाढ़ के बाद किसी संभावित बीमारी को फैलने का मौका नहीं मिले।
प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पानी निकलने के बाद सफाई और रोग नियंत्रण का अभियान भी उतनी ही तेजी से चले, जितनी तेजी से राहत और बचाव कार्य चलाए गए थे।
राहत एवं बचाव कार्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 31 कर्मी सम्मानित
बैठक के बाद बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 31 पदाधिकारी एवं कर्मियों को जिला पदाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डीएम ने आपदा प्रबंधन टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम भावना, तत्परता और समर्पण के साथ किए गए कार्यों से बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत और सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिली। उन्होंने सम्मानित सभी पदाधिकारी और कर्मियों को आगे भी इसी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
बाढ़ के दौरान बचाव और राहत के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों को संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखना है। इसके लिए स्वच्छता, दवा छिड़काव, एंटी-लार्वा अभियान और फॉगिंग को एक साथ चलाने की रणनीति अपनायी जा रही है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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