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Bihar To Delhi Bus Services: बिहार से यूपी-दिल्ली की राह होगी आसान, 14 नए रूटों पर दौड़ेंगी निगम की बसें

लखनऊ में बिहार और यूपी के परिवहन मंत्रियों की अहम बैठक में बनी सहमति

पटना। बिहार से उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में सफर और आसान हो सकता है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की बस सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच 14 नए अंतरराज्यीय रूटों पर बस परिचालन शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही पिछले करीब 10 वर्षों से संचालित 25 पुराने रूटों के बस संचालन समझौते को भी आगे बढ़ाने पर दोनों राज्यों ने सहमति जताई है।

लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में सोमवार को बिहार के परिवहन मंत्री श्री दामोदर रावत और उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में अंतरराज्यीय बस सेवा विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रूट, परमिट, यात्री सुविधाओं और दोनों राज्यों के बीच परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

दिल्ली, नोएडा और लखनऊ जाने वालों को मिलेगा सीधा कनेक्शन

नए रूट शुरू होने के बाद बिहार से उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को सरकारी बस सेवा के अतिरिक्त विकल्प मिल सकेंगे।

परिवहन मंत्री ने कहा कि नए रूटों के जुड़ने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के साथ-साथ बिहार से बाहर काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। सरकारी बस सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों को अपेक्षाकृत सुरक्षित और किफायती परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए भी यह पहल महत्वपूर्ण है। त्योहारी मौसम में बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू होने से यात्रियों को यात्रा के लिए बेहतर विकल्प मिल सकते हैं।

25 पुराने रूटों पर भी जारी रहेगा बस संचालन

बैठक में केवल नए रूट शुरू करने पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पिछले वर्षों से संचालित पुराने रूटों को जारी रखने पर भी सहमति बनी। दोनों राज्यों के बीच पिछले करीब एक दशक से चल रहे 25 पुराने रूटों के बस संचालन समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति बनने से मौजूदा यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।बीएसआरटीसी और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के बीच आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन रूटों पर संचालन संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

रामायण और बुद्ध सर्किट से जुड़ेगा परिवहन नेटवर्क

बैठक में धार्मिक और पर्यटन स्थलों के बीच बेहतर परिवहन संपर्क विकसित करने पर भी विशेष चर्चा हुई। बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट के स्थलों को बस नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

प्रस्तावित कनेक्टिविटी के तहत अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को सीतामढ़ी, गया, बोधगया और वैशाली जैसे बिहार के महत्वपूर्ण स्थलों से जोड़ने की दिशा में चर्चा हुई।ऐसी सीधी बस सेवाएं शुरू होने पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। साथ ही दोनों राज्यों के बीच धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रवासी, छात्र और तीर्थयात्रियों को सबसे अधिक लाभ

परिवहन मंत्री ने कहा कि नए अंतरराज्यीय रूटों का लाभ सिर्फ रोजाना के यात्रियों को नहीं मिलेगा, बल्कि बिहार के बाहर रहने वाले प्रवासी लोगों, छात्रों और तीर्थयात्रियों के लिए भी सीधी कनेक्टिविटी बेहतर होगी।बिहार से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा और व्यापार के सिलसिले में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आसपास के राज्यों की यात्रा करते हैं। ऐसे में सरकारी बसों के नए रूट शुरू होने से उन्हें यात्रा के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।

परमिट और यात्री सुविधाओं पर भी हुई चर्चा

दोनों राज्यों के मंत्रियों के बीच हुई बैठक में केवल रूट की संख्या पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि परमिट व्यवस्था, रूट निर्धारण और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।अंतरराज्यीय बसों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक और परिवहन संबंधी औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि सहमति के बाद सेवाओं को जल्द शुरू किया जा सके।

जल्द होगा एमओयू पर हस्ताक्षर

बीएसआरटीसी के अनुसार नए रूटों पर सहमति बनने के बाद दोनों राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद रूटवार संचालन और परमिट से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। एमओयू के बाद नए रूटों पर बस परिचालन शुरू करने की दिशा में औपचारिक कदम तेजी से उठाए जाने की संभावना है।

दोनों राज्यों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा

बैठक में बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा (आईएएस), संयुक्त सचिव-सह-प्रशासनिक अधिकारी सुभाष नारायण सहित दोनों राज्यों के परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमुख बातें एक नजर में

बिंदुप्रस्तावित व्यवस्था
नए अंतरराज्यीय रूट14
पुराने रूट25
पुराने रूटों का समझौताआगे बढ़ाने पर सहमति
प्रमुख कनेक्टिविटीबिहार-यूपी-दिल्ली समेत अन्य क्षेत्र
पर्यटन कनेक्टिविटीरामायण एवं बुद्ध सर्किट
एमओयूजल्द हस्ताक्षर की तैयारी

14 नए अंतरराज्यीय रूटों के साथ 25 पुराने रूटों को जारी रखने की सहमति से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार की राह खुली है। इसका सीधा लाभ यात्रियों, प्रवासियों, विद्यार्थियों और तीर्थयात्रियों को मिलने की उम्मीद है, जबकि पर्यटन स्थलों के बीच बेहतर बस कनेक्टिविटी से दोनों राज्यों में पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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