छपरा-बलिया रेलखंड पर राजधानी एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश? ट्रैक पर रखी मिली सिंटेक्स टंकी
रेल ट्रैक पर असामाजिक तत्वों की खतरनाक करतूत
छपरा। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के छपरा-बलिया रेलखंड पर शुक्रवार की देर रात एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई। डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखी गई एक सिंटेक्स पानी की टंकी से टकरा गई। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता और समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाने के कारण ट्रेन डिरेल होने से बच गई।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद इंजन में फंसी टंकी को काटकर हटाया गया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना किया गया। मामले में असामाजिक तत्वों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है और विभिन्न बिंदुओं पर जांच जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना छपरा-बलिया रेलखंड पर गौतमस्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला से लगभग 100 मीटर पश्चिम विजय राय के टोला के समीप हुई। बताया जा रहा है कि गांव के एक मकान की छत पर रखी गई सिंटेक्स की नीले रंग की पानी की टंकी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था।
लोको पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
राजधानी एक्सप्रेस छपरा जंक्शन से रात करीब 1:41 बजे खुली थी। ट्रेन निर्धारित गति से आगे बढ़ रही थी। गौतमस्थान स्टेशन पार करने के बाद लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखी पानी की टंकी पर पड़ी। खतरे को भांपते हुए उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण इंजन पानी की टंकी से टकरा गया।
टक्कर के बाद पानी की टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई, जिससे ट्रेन कुछ दूरी आगे जाकर रुक गई। घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने गौतमस्थान स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने तत्काल छपरा जंक्शन के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया।
रेलवे और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर आरपीएफ के सहायक कमांडेंट अजय कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव, सीआईबी के विकास कुमार यादव, जीआरपी पुलिस तथा अन्य रेलवे अधिकारी पहुंचे। साथ ही रिविलगंज थाना के थानाध्यक्ष राजीव कुमार भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
रेलवे की तकनीकी टीम ने इंजन में फंसी पानी की टंकी को काटकर बाहर निकाला। इस पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा, जिसके कारण राजधानी एक्सप्रेस वहीं खड़ी रही और रेल परिचालन प्रभावित हुआ।
डॉग स्क्वायड ने भी की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी आसपास के क्षेत्र में भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रैक पर टंकी रखने के पीछे किसका हाथ था और इसका उद्देश्य क्या था।
घर से चोरी हुई थी पानी की टंकी
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस मकान की छत से पानी की टंकी हटाई गई, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। मकान मालिक का परिवार फिलहाल छपरा शहर में रह रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात लोगों ने पहले टंकी चोरी की और बाद में उसे रेलवे ट्रैक पर रख दिया।
सभी पहलुओं पर जांच जारी
रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत थी या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल समय रहते लोको पायलट की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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