सारण में 900 एकड़ सरकारी जमीन की जमाबंदी रद्द, अवैध कब्जे के खिलाफ DM का बड़ा एक्शन
डीएम बोले- पूरे जिले में चिन्हित करें सरकारी भूमि पर अवैध जमाबंदियां

छपरा। सारण जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और फर्जी जमाबंदियों के खिलाफ प्रशासन अब और सख्त रुख अपनाने जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में सोनपुर में करीब 900 एकड़ सरकारी भूमि की जमाबंदी रद्द किए जाने की कार्रवाई को जिले के लिए एक “मिसाल” बताते हुए सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में सरकारी जमीन पर की गई सभी जमाबंदियों की पहचान कर उनका सत्यापन कराएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला समाहरणालय सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता (भूमि अधिग्रहण), सभी डीसीएलआर, सभी अंचल अधिकारी (सीओ), राजस्व अधिकारी (आरओ) एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में भूमि सुधार, भूमि अधिग्रहण, म्यूटेशन, परिमार्जन, बाढ़ पूर्व तैयारी तथा भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
900 एकड़ सरकारी जमीन की जमाबंदी रद्द
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सोनपुर अंचल में करीब 900 एकड़ सरकारी भूमि की जमाबंदी रद्द किए जाने की कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इसी तरह अन्य अंचलों में भी सरकारी भूमि की पहचान कर यदि कहीं अवैध जमाबंदी की गई है तो उसका सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी सीओ एवं आरओ को निर्देश दिया कि सरकारी जमीन से संबंधित सभी प्लॉटों की सूची तैयार कर उनका भौतिक सत्यापन करें और विस्तृत प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं।
म्यूटेशन और परिमार्जन के मामलों में नहीं रहे कोई लंबित आवेदन
डीएम ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिदिन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), परिमार्जन, लेफ्ट आउट जमाबंदी और भूमि मापी के मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यालयों में अनावश्यक लंबित मामलों की संख्या शून्य करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जाए। साथ ही उन्होंने सिविल कोर्ट में लंबित भूमि विवादों से जुड़े मामलों में समय पर लिखित प्रतिवेदन (Written Statement) दाखिल करने तथा सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता से संबंधित सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने का निर्देश दिया।
अमनौर की 73 एकड़ भूमि मामले की भी समीक्षा
बैठक में अमनौर अंचल की 73 एकड़ भूमि से जुड़े लंबित मापी एवं अन्य प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारी को आवश्यक प्रस्तावों का शीघ्र सत्यापन कर कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
भूमि अधिग्रहण के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ पर जोर
जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में बेहतर समन्वय के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के तहत कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी लंबित पंचाट मामलों का डोर-टू-डोर सर्वे कराया जाए, आपत्तियों (ऑब्जेक्शन) का संकलन कर उन्हें संकलित रिपोर्ट के साथ जिला स्तर पर भेजा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में मुआवजा या अन्य कारणों से कार्य लंबित हैं, उनकी कारणवार सूची तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
हर अंचल में बनेगा हेल्प डेस्क
रैयतों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने प्रत्येक अंचल कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। यहां लोगों को यह जानकारी उपलब्ध होगी कि उनका आवेदन किस कारण लंबित है, कौन-सा दस्तावेज शेष है या किस स्तर पर कार्रवाई रुकी हुई है।
बाढ़ पूर्व तैयारियों की भी हुई समीक्षा
बैठक में संभावित बाढ़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को वर्षापात का दैनिक डाटा संधारित करने, राहत शिविरों एवं आश्रय स्थलों का सत्यापन, सामुदायिक रसोई का चिन्हांकन तथा तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां तटबंध कमजोर हैं, वहां फ्लड कंट्रोल विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बालू से भरे बोरे एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए।
भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने भूमिहीन परिवारों को सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अंचल अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने गैर-प्रदर्शन करने वाले अमीनों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर उनकी रिपोर्ट तैयार करने और ‘फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट’ प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाया जाएगा, ताकि आम लोगों को भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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