छपरा में बलात्कार और हत्या के खिलाफ ABVP का आक्रोश मार्च, बलात्कारियों को फांसी की सजा की मांग
बेटियों पर बढ़ते जुल्म के खिलाफ सड़क पर उतरी छात्राएं

छपरा। महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) छपरा नगर इकाई की ओर से मंगलवार को जोरदार आक्रोश मार्च निकाला गया। छात्राओं के नेतृत्व में निकले इस मार्च के जरिए बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए सरकार और न्यायालय से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, फांसी तक देने की मांग की गई।
अब चुप्पी नहीं, न्याय चाहिए
यह आक्रोश मार्च राजेंद्र महाविद्यालय परिसर के प्रशासनिक भवन से प्रारंभ होकर मुख्य द्वार तक निकाला गया। मार्च के दौरान छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सवाल उठाया कि “आखिर कब तक बेटियां बलात्कार और हत्या का शिकार होती रहेंगी?” छात्राओं ने एक स्वर में कहा कि अब चुप्पी नहीं, न्याय चाहिए।
मार्च का नेतृत्व कर रहीं प्रांत कार्यकारिणी सदस्य आदिति सिंह ने कहा कि आज जिस तरह छात्राओं और महिलाओं के साथ अन्याय की घटनाएं सामने आ रही हैं, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि छात्राएं भी इसी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनका शोषण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
‘मिशन साहसी’ के तहत आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
इस मौके पर प्रांत एसएफडी संयोजक रवि पाण्डेय ने सरकार और न्यायालय से सीधे सवाल करते हुए कहा कि भारत में नारियों को देवी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन हकीकत में कुछ असामाजिक तत्व उन्हें शिकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभाविप छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निर्भया कांड के बाद से अब तक 60 लाख से अधिक छात्राओं को ‘मिशन साहसी’ के तहत आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जिला प्रमुख प्रो. अनुपम सिंह ने समाज की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज छात्राएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन समाज के कुछ हिस्से उनके लिए असुरक्षित बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुखद पहलू यह है कि अधिकतर मामलों में शोषक समाज के ही पुरुष वर्ग से होते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दोषियों को शीघ्र फांसी देने की मांग
राजेंद्र महाविद्यालय इकाई की उपाध्यक्ष रुचि कुमारी ने कहा कि यदि सरकार और न्यायालय सुरक्षित जीवन का भरोसा दिलाते हैं, तो उन्हें महिला समाज के उत्थान और सुरक्षा के लिए ठोस कदम भी उठाने होंगे। वहीं नगर मंत्री आशीष प्रजापति ने प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए शंभू गर्ल्स हॉस्टल और गायत्री मामले का जिक्र किया तथा दोषियों को शीघ्र फांसी देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि छात्राओं के साथ जब-जब अन्याय होगा, विद्यार्थी परिषद उसका डटकर मुकाबला करेगी। यदि आज समाज चुप रहा, तो अत्याचारी शक्तियां और मजबूत होंगी, जो किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
आक्रोश मार्च में प्रांत सह मंत्री यशवंत कुमार यादव, रुचि, श्रेया, ईशा, शिवम मिश्रा, आदर्श सिंह, राकेश शर्मा, राजन कुमार, सचिन चौरसिया सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर न्याय की मांग को बुलंद आवाज दी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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