छपरा शहर का होगा ऐतिहासिक विस्तार, 227 राजस्व गांवों को किया जायेगा शामिल
सड़क, ट्रांसपोर्ट, हरित क्षेत्र और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगा छपरा

छपरा: छपरा शहर और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं समेकित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में छपरा आयोजना क्षेत्र के विस्तार प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। प्रस्तावित विस्तार के तहत वर्तमान 101 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले आयोजना क्षेत्र को बढ़ाकर लगभग 445 वर्ग किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा। इससे आने वाले वर्षों में छपरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में योजनाबद्ध शहरीकरण, आधुनिक आधारभूत संरचना और बेहतर नागरिक सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजीव प्रताप रूड़ी भी शामिल हुए। वहीं छोटी कुमारी, महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता एवं उप महापौर रागिणी कुमारी सहित कई जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ, अंचलाधिकारी एवं नगर निकाय प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में अधिसूचित छपरा आयोजना क्षेत्र लगभग 101 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ था। लेकिन तेजी से बढ़ती आबादी, शहरीकरण, आधारभूत संरचना की जरूरतों और आगामी दो दशकों की विकास संभावनाओं को देखते हुए इसके विस्तार का प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा गया था।
आमजन से सुझाव लेने के बाद मिली स्वीकृति
प्रस्तावित विस्तार क्षेत्र को लेकर विभागीय निर्देशानुसार आम लोगों एवं विभिन्न हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। प्राप्त सभी सुझावों एवं आपत्तियों के निष्पादन के बाद आज आयोजित सारण जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की बैठक में प्रस्ताव को अंतिम रूप से स्वीकृति प्रदान की गई।
अब इस प्रस्ताव को पुनः नगर विकास एवं आवास विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद विस्तारित आयोजना क्षेत्र की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी तथा इसके बाद विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
227 राजस्व गांव होंगे शामिल
प्रस्तावित विस्तारित आयोजना क्षेत्र में लगभग 422.83 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र तथा 22.19 वर्ग किलोमीटर शहरी क्षेत्र शामिल किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में छपरा, रिविलगंज, गरखा, जलालपुर, मांझी एवं नगरा प्रखंडों के कुल 227 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में छपरा नगर निगम एवं नगर पंचायत रिविलगंज को सम्मिलित किया गया है।
जोन आधारित मास्टर प्लान से होगा विकास
बैठक में यह जानकारी दी गई कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरे आयोजना क्षेत्र के लिए जोन आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इस मास्टर प्लान में आवासीय क्षेत्र, वाणिज्यिक क्षेत्र, संस्थागत क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, यातायात कॉरिडोर, हरित क्षेत्र, जल निकाय संरक्षण क्षेत्र एवं सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए अलग-अलग जोन निर्धारित किए जाएंगे।
इसके साथ ही सुनियोजित सड़क नेटवर्क, आधुनिक जल निकासी प्रणाली, पार्क एवं खुले क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट हब, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थानों के विकास तथा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सड़क चौड़ीकरण, यातायात प्रबंधन, जलजमाव की समस्या, हरित क्षेत्र के विस्तार एवं समेकित विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
छपरा के भविष्य को मिलेगी नई दिशा
प्रस्तावित मास्टर प्लान के लागू होने के बाद छपरा एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थित शहरीकरण, सतत विकास और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे आने वाले वर्षों में शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और लोगों को बेहतर यातायात, आवास, जल निकासी एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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