UPSC Success Story: बिहार की बेटी मोनिका श्रीवास्तव ने UPSC में हासिल किया ऑल इंडिया 16वां रैंक, प्राइवेट कंपनी में करती थी नौकरी
कॉरपोरेट नौकरी छोड़ चुना प्रशासनिक सेवा का रास्ता

UPSC Success Story Monika Srivastava: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में देशभर के 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। इस बार राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया है। वहीं बिहार के कई प्रतिभाशाली युवाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। इन्हीं में से एक नाम औरंगाबाद की बेटी मोनिका श्रीवास्तव का है, जिन्होंने ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल कर अपने परिवार, जिले और पूरे बिहार का नाम देशभर में रोशन कर दिया है।
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औरंगाबाद की बेटी ने रचा नया इतिहास
औरंगाबाद जिला मुख्यालय के सत्येंद्र नगर निवासी मोनिका श्रीवास्तव इंजीनियर बी.के. श्रीवास्तव और भारती श्रीवास्तव की बेटी हैं। उनके पिता वर्तमान में जिला परिषद औरंगाबाद में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। मोनिका बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और उन्होंने अपनी लगन व मेहनत के दम पर लगातार बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
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स्कूल से लेकर IIT तक शानदार प्रदर्शन
मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर और डीएवी पब्लिक स्कूल, औरंगाबाद से हुई। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वे IIT प्रवेश परीक्षा में बिहार टॉपर भी रह चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2016 में IIT गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
कॉरपोरेट नौकरी छोड़ चुना प्रशासनिक सेवा का रास्ता
आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका ने कई प्रतिष्ठित ग्लोबल कंपनियों में काम किया, लेकिन उनके मन में समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने की इच्छा हमेशा बनी रही। इसी भावना ने उन्हें कॉरपोरेट करियर छोड़कर सिविल सेवा की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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BPSC में भी हासिल की थी बड़ी सफलता
मोनिका की सफलता का सफर यहीं नहीं रुका। वर्ष 2022 में BPSC परीक्षा में उन्होंने छठा स्थान हासिल कर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने 2024 में पहली बार UPSC परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए 455वीं रैंक प्राप्त की और वर्तमान में भारतीय रेलवे सेवा के अंतर्गत अंडर ट्रेनिंग अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण ले रही हैं।
अब दूसरी बार यूपीएससी परीक्षा में शामिल होकर उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
पिता बोले – बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी
मोनिका के पिता इंजीनियर बी.के. श्रीवास्तव बताते हैं कि उनकी सबसे छोटी बेटी मोनिका बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी रही है। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन और अनुशासन हमेशा प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कहा कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में भी मोनिका ने राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया था।
सफलता का श्रेय परिवार को
मोनिका अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के सहयोग को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और शिक्षा का महत्व समझाया। उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी एक अधिकारी बने और समाज के कमजोर तथा जरूरतमंद लोगों के लिए काम करे। यही सपना उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया।
जिले में खुशी और गर्व का माहौल
मोनिका श्रीवास्तव की इस शानदार उपलब्धि से औरंगाबाद जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मोनिका की सफलता की कहानी आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करते हैं।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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