गाँवों की रफ्तार अब हाईस्पीड, नाबार्ड के सहयोग से 5254KM सड़क निर्माण पूरा
2025 सड़कों एवं 1239 पुलों के निर्माण का 80 फीसद से अधिक लक्ष्य पूरा

पटना। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की मदद से बिहार में निर्मित ग्रामीण सड़कों और पुलों का संजाल बुनने का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष बीस प्रतिशत से कम सड़कों व पुलों के निर्माण का काम भी अब अपने अंतिम चरण में है। राज्य में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों के निर्माण से गांवों की तस्वीर तो बदली ही है। साथ ही राज्य के सुदूर गांवों से शहरों की दूरी लगातार कम हो रही है। राज्य के विकास के साथ सूबे की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ये नवनिर्मित सड़कें और पुल-पुलिया नई रफ़्तार दे रही हैं। इस योजना पर सरकार कुल 5989 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
जिलावार प्रगति रिपोर्ट जारी
नाबार्ड के सहयोग से राज्य योजना के तहत विभिन्न जिलों में स्वीकृत सड़कों के निर्माण को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग ने जिलावार प्रगति रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य की कुल 2025 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की विभाग ने प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी। जिसमें 1876 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
इन 2025 सड़कों की कुल लंबाई 5254 किलोमीटर है, जिसमें 4835 सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसी तरह, राज्य में ग्रामीण सड़कों के साथ-साथ कुल 1239 पुलों का निर्माण भी नाबार्ड के सहयोग से किया जा रहा है। जिसमें अबतक कुल 936 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 303 पुलों का निर्माण कार्य भी अब अपने अंतिम चरण में है और इसे अगले कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
नालंदा समेत इन जिलों में हुआ सर्वाधिक सड़कों का निर्माण
ग्रामीण कार्य विभाग के स्तर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नालंदा जिला सबसे आगे है। जहां कुल 214 सड़कों की स्वीकृति दी गई थी। जिसमें 200 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। नालंदा में कुल 370 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। जबकि, लक्ष्य 396 किलोमीटर सड़क के निर्माण का है।
साथ ही नालंदा में 67 पुलों का भी निर्माण किया जाना था, जिसमें 60 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं और उन पुलों पर अब वाहन भी फर्राटा भर रहे हैं। वहीं, गयाजी में कुल 129 सड़कों के निर्माण की मिली स्वीकृति के विरुद्ध 121 सड़कों का निर्माण हो चुका है। गयाजी में कुल 395 किमी लंबाई की सड़कें बनाने का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले अबतक 365 किमी सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। जबकि गयाजी में निर्माणाधीन 57 पुलों में 46 पुलों का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुके हैं।
पटना में 167 ग्रामीण सड़कों में 157 का निर्माण पूर्ण
वहीं, राजधानी पटना जिला में कुल 167 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। जिनमें से 157 सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। पटना में कुल 363 किमी ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया था। जबकि इस लक्ष्य के विरुद्ध कुल 329 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा चुका है। पटना के ग्रामीण इलाकों में निर्माणाधीन कुल 54 पुलों में 46 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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