
छपरा। बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में सारण जिले ने एक नया इतिहास रचा है। जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, और इनमें से दो महिला उम्मीदवारों ने पहली बार विधानसभा में प्रवेश कर सारण में महिला नेतृत्व की नई मिसाल कायम की है। खास बात यह है कि दोनों विजेता उम्मीदवार नए चेहरे हैं—एक ने पहले प्रयास में जीत दर्ज की, जबकि दूसरी ने अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की।
छपरा विधानसभा: पहली बार में विजयी रहीं छोटी कुमारी
छपरा विधानसभा सीट से एनडीए की उम्मीदवार छोटी कुमारी ने बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने मुकाबले में खड़ी राजद प्रत्याशी खेसारी लाल यादव को पराजित कर पहली बार विधानसभा का रास्ता तय किया।
छोटी कुमारी का राजनीतिक सफर भी खास रहा है—वे 2014 में जिला परिषद सदस्य चुनी गईं थीं और पहली ही बार में जिला परिषद अध्यक्ष बनी थीं। उनके राजनीतिक अनुभव और जमीनी पकड़ का फायदा उन्हें इस चुनाव में मिला।
परसा विधानसभा: दूसरे प्रयास में चमकीं डॉ. करिश्मा राय
परसा विधानसभा से राजद की उम्मीदवार डॉ. करिश्मा राय ने उल्लेखनीय जीत दर्ज की है। उन्होंने दूसरे प्रयास में यह सफलता पाई है। डॉ. करिश्मा राय ने जदयू उम्मीदवार छोटे लाल राय को हराकर परसा सीट राजद की झोली में डाल दी। उन्हें कुल 87,868 वोट प्राप्त हुए।
2020 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना भाग्य आजमाया था, लेकिन तब जीत नहीं मिली। इस बार राजद के टिकट पर वे मजबूत दावेदार बनकर उभरीं और आखिरकार जीत का सेहरा पहनने में सफल रहीं।
महिलाओं का दबदबा: सारण की दो सीटों पर आधी आबादी ने दी मजबूत आवाज
सारण के छपरा और परसा दोनों ही सीटों पर इस बार महिला मतदाताओं का भारी प्रभाव दिखा। मतदान प्रतिशत से लेकर परिणाम तक, महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता और सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि आधी आबादी अब निर्णायक भूमिका निभा रही है।
इन दोनों क्षेत्रों से निर्वाचित महिला विधायक अब पहली बार विधानसभा में पहुंचकर अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं को सदन में मजबूती से उठाएंगी। यह जीत सिर्फ राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि सारण की सामाजिक-सामुदायिक सोच में आए सकारात्मक बदलाव का प्रतीक भी है।



