Executive Assistants on Strike: स्थायीकरण की मांग पर अड़े कार्यपालक सहायक, कहा– अब नहीं चलेगी जुमलेबाजी
सरकारी दफ्तरों का कामकाज ठप करने की चेतावनी

छपरा। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के आह्वान पर जिले के कार्यपालक सहायकों ने रविवार को शहर के म्युनिसिपल चौक पर धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष निलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस धरने में कार्यपालक सहायकों ने स्थायीकरण समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
संघ के जिला अध्यक्ष निलेश कुमार ने कहा कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (बीपीएसएम) के अधिकारी केवल आश्वासन का लॉलीपॉप थमाते हैं। मानदेय पुनरीक्षण की बात तो की जाती है, लेकिन लागू करने के नाम पर अगली बैठक का हवाला देकर टाल दिया जाता है। “अब यह जुमलेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो और उग्र आंदोलन किया जाएगा,” उन्होंने कहा।
संविदा कर्मियों में जागा विश्वास, पर कार्यपालक सहायक अब भी उपेक्षित
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार ने हाल के दिनों में 65 से अधिक संविदा संवर्गों का मानदेय और सुविधाएं बढ़ाकर सकारात्मक कदम उठाए हैं, जिससे संविदा कर्मियों में विश्वास की लहर आई है। लेकिन 15 वर्षों से संविदा के अभिशाप को झेल रहे कार्यपालक सहायकों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संविदा कर्मियों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में कार्यपालक सहायकों को भी राहत मिलनी चाहिए।
चेतावनी – काम ठप कर देंगे कार्यपालक सहायक
धरना में कार्यपालक सहायकों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर अन्य संवर्गों की तरह सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो जिले समेत पूरे राज्य में सभी विभागों में कार्यपालक सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे जाति, आवासीय, आय प्रमाणपत्र जारी करने का कार्य, दाखिल-खारिज, म्युटेशन, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आंगनबाड़ी, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, पेंशन, कृषि, बिजली विभाग, पुलिस विभाग समेत विधानसभा चुनाव से जुड़े विशेष पुनरीक्षण और भू-सर्वेक्षण अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह बाधित हो जाएंगे।
‘तुगलकी फरमान’ का आरोप
संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन आंदोलन को दबाने के लिए कार्यपालक सहायकों को रविवार को भी ड्यूटी पर बुलाने का फरमान जारी कर रहा है। लेकिन कार्यपालक सहायकों ने एकजुट होकर इसे नजरअंदाज किया और धरना में शामिल हुए। नेताओं ने कहा, “हमारी लड़ाई सरकार से है, लेकिन अगर प्रशासन ने हमारी आवाज दबाने की कोशिश की, तो आंदोलन और उग्र होगा। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।”
धरना में बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यपालक सहायक
धरना कार्यक्रम को रूपेश कुमार, मुन्ना कुमार, माधव राय, पप्पू पासवान, मिथलेश कुमार वर्मा, सतीश कुमार पांडेय, कर्मेंद्र कुमार, राकेश कुमार, रितेश कुमार, मीनू कुमारी, प्रियंका कुमारी, रेखा कुमारी, रश्मि कुमारी, अंशुप्रिया, दीपमाला कुमारी, आल्का कुमारी, खुशबू कुमारी, अर्पणा कुमारी, अनुप्रिया, अजय कुमार, अश्वनी भारती, विजय, बृजेश, अमित, राजेश, कुंदन, अनिल, अमरजीत रजक, राहुल, संदीप रंजन, निखिल कुमार, निर्भय कुमार, मुकेश कुमार, रत्नेश तिवारी, प्रकाश कुमार, उपेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, विश्वजीत कुमार, अभिमन्यु कुमार, पूनम कुमारी, राजन शर्मा, तिलेश्वर महतो, प्रशांत कुमार, मोहम्मद शकील, सोनू कुमार, जगमोहन कुमार, मनमोहन कुमार, नीतीश कुमार, आदित्य मल्होत्रा समेत बड़ी संख्या में कार्यपालक सहायक शामिल हुए।
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