क़ृषिबिहार

बिहार के मछली पालकों के लिए विभाग ने जारी की एडवाइजरी, पंगेशियस मछलियाँ तालाब से निकाल लें, वरना भारी नुकसान

नवम्बर माह में मछली-पालकों के लिए विभाग ने जारी की सलाह

पटना। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग राज्य में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में ठंड में मछलियों की उचित देख-रेख के लिए सलाह जारी की है। इसके अनुसार, पंगेशियस मछलियों को मछली-पालक नवम्बर तक तालाब से अवश्य बाहर निकाल लें, क्योंकि तापमान गिरने से पंगेशियस मछलियों के मरने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

यदि पंगेशियस मछली छोटी है (बिक्री योग्य नहीं है), तो ठंड से बचाने के लिए तालाब के पानी की गहराई 8 से 10 फीट रखनी चाहिए अथवा पूरे ठंड के मौसम में रात्रि के समय बोरिंग का पानी तालाब के मध्य में तलहटी में छोड़ना चाहिए और 8 से 10 फीट पानी का स्तर हो जाने के बाद ऊपर एक निकासी पाइप लगा देना चाहिए। साथ ही, पंगेशियस मछलियों वाले तालाब में तैयार मछली की निकासी का कार्य 3–4 दिनों के भीतर लगातार कर लेना चाहिए।

तालाब का पानी ज़्यादा हरा होने पर यह करें

तालाब में चूने का प्रयोग पीएच मान के अनुसार प्रति एकड़ 15 से 20 किलोग्राम की दर से 15 दिनों के अंतराल पर करें। मछलियों को संक्रमण से बचाने के लिए प्रति एकड़ 400 ग्राम पोटैशियम परमैंगनेट की दर से वाटर सैनिटाइज़र का प्रयोग करें। तालाब का पानी अधिक हरा होने पर चूना एवं रासायनिक खाद का प्रयोग बंद कर दें तथा 800 ग्राम प्रति एकड़ की दर से कॉपर सल्फेट का प्रयोग पानी में घोलकर करें।

माह अंत में जाल अवश्य चलाएं

विभाग ने अपनी सलाह में कहा है कि तालाब में मछलियों के लिए पूरक आहार का प्रयोग कुल मछलियों के वजन के 1 से 2 प्रतिशत की दर से अधिक न करें। तालाब के पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 400 ग्राम प्रति एकड़ की दर से जलीय प्रोबायोटिक्स का प्रयोग करें। तालाब की मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 400 ग्राम प्रति एकड़ की दर से मृदा प्रोबायोटिक्स अथवा 10 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से जियोलाइट का प्रयोग नमी युक्त बालू में मिलाकर करें। कार्प मछलियों वाले तालाब में माह के अंत में जाल अवश्य चलाएं।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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