छपरा। राज्य सरकार द्वारा बागवानी और किचन गार्डन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब आम जनता को उनके घर के आसपास फलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत इच्छुक लोग आम, केला और नारियल के पौधे लगाकर किचन गार्डन की शुरुआत कर सकते हैं। यह पहल उद्यान निदेशालय, बिहार सरकार की ओर से चलाई जा रही है।
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किचन गार्डन की शुरुआत करें पांच पौधों से
सारण प्रमंडल के उद्यान निदेशालय के सहायक निदेशक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य बागवानी के क्षेत्रफल को दुगुना करना है। आम लोगों को इसके लिए कम से कम पांच पौधे लगाकर किचन गार्डन की शुरुआत करनी होगी। ये पौधे आम, केला और नारियल के होंगे, जिनका वितरण उद्यान निदेशालय द्वारा किया जाएगा।
इतना मिलेगा अनुदान
| फसल / बागवानी | अनुदान प्रतिशत (%) | अनुदान का माध्यम |
|---|---|---|
| केला की बागवानी | 50% | डीबीटी (Direct Benefit Transfer) |
| आम की बागवानी | 50% | डीबीटी (Direct Benefit Transfer) |
| नारियल की बागवानी | 75% | डीबीटी (Direct Benefit Transfer) |
| खरीफ प्याज की खेती | 75% | डीबीटी (Direct Benefit Transfer) |
खरीफ प्याज की खेती पर जोर
सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सारण जिले में खरीफ प्याज की खेती नगण्य है, जबकि इसकी मांग काफी अधिक है। ऐसे में जून-जुलाई में बुआई और अक्टूबर-नवंबर में कटाई के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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विशेषताएं और लक्ष्य
नारियल के पौधे केंद्रीय नारियल बोर्ड द्वारा विशेष रूप से इस क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल विकसित किए गए हैं।
जिला स्तर पर लक्ष्य:
- केला: 200 हेक्टेयर
- आम: 10 हेक्टेयर
- नारियल: 16,000 पौधे
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
जो भी व्यक्ति या किसान इन योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं, वे horticulture.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
| यह योजना न केवल स्थानीय फलों की उपलब्धता को बढ़ाएगी, बल्कि किसानों और आम जनता की आय में भी वृद्धि का माध्यम बनेगी। उद्यान निदेशालय का उद्देश्य है कि बागवानी को लाभकारी व्यवसाय में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए। |
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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