भारतीय रेल ट्रेनों की पंक्चुअलिटी में किया महत्वपूर्ण सुधार, 80 प्रतिशत ट्रेनें ऑन टाइम

रेल डेस्क। रेलवे की पंक्चुअलिटी में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है। इस वर्ष के दौरान, 68 में से 49 डिवीजन में गाड़ियों की पंक्चुअलिटी 80% से अधिक दर्ज की गई है। खासतौर पर 12 डिवीजन में पंक्चुअलिटी 95% तक पहुंच गई है, जो भारतीय रेलवे की गुणवत्ता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे, विश्व के बड़े देशों के बराबर पहुँचने की दिशा में कार्य कर रही है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों और चर्चा पर अपना जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय रेल की प्रगति के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया और पंक्चुअलिटी, रोजगार, सुरक्षा, निर्यात और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को रेलवे की प्राथमिकताएँ बताया।
रोजगार सृजन में रेलवे की भूमिका
रेल मंत्री ने रोजगार सृजन की दिशा में रेलवे की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने पिछले 10 वर्षों में 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा, वर्तमान में भी 1 लाख लोगों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिससे और अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
निर्यात और इंफ्रास्ट्रक्चर में प्रगति
अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर भी जोर दिया और कहा कि देश की प्रगति के लिए रेलवे की निरंतर वृद्धि महत्वपूर्ण है। उन्होंने सदन में सभी से ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया और भारतीय रेलवे के महत्व को रेखांकित किया।
रेल मंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय रेलवे न केवल देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि रोजगार सृजन और पंक्चुअलिटी के मामले में भी अग्रणी है।
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