अब छपरा-डोरीगंज NH पर नहीं लगेगा बालू लदी वाहनों से जाम, प्रशासन ने लिया निर्णय

छपरा। बालू गाड़ियों के गैरकानूनी परिचालन, याता नियम उल्लंघन, हाइवे टैफिक पुलिस की कम गश्ती, पुलिस की अवैध वसूली व पासिंग गिरोह के कारण भोजपुर, सारण व पटना जिलों में महाजाम स्थायी नासूर बन चुका है। इस महाजाम का असर तीनों जिलों के अलावे बक्सर, सासाराम व अरवल जिलों तक पड़ता है। प्रतिदिन लाखों लोगों, चालकों व यात्रियों को 10-12 घंटें तक मुसीबत झेलना पड़ता है। क्योंकि पटना-आरा-सासाराम नेशनल हाइवे 922, छपरा-पटना नेशनल हाइवे 19, आरा-छपरा फोरलेन और सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाइवे पर हजारों बालू गाड़ियों व पासिंग गिरोह के कारण महाजाम लगता रहता है।
कुछ माह पहले बरसात में बालू निकासी पर रोक के कारण उक्त सभी हाइवे पर जाम लगना कम हुआ था। लेकिन, हाल के दिनों में 20-25 किलोमीटर तक महाजाम लग रहा है। हालांकि, यह भीषण समस्या कई वर्ष से है। लेकिन आरा-छपरा फोरलेन व गंगा नदी में वीर कुंवर सिंह सेतु बनने के बाद त्राहिमाम की हालत रहती है।
करीब पांच वर्ष में सारण, भोजपुर व पटना जिलों का प्रशासन और पुलिस इसके नियंत्रण के लिए कई बार द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय वार्ता कर चुकी है। कई बार नियम बनाए गये, रूट चार्ट बने, हाइवे ट्रैफिक पुलिस नियुक्त हुईं, चेकपोस्ट बनाए गये। लेकिन नतीजा शून्य निकला।
दोनों जिलों की पुलिस ने की बैठक
भोजपुर और सारण जिले में महाजाम के निजात के लिए दोनों जिलों के पुलिस, ट्रैफिक पुलिस व खनन विभाग की संयुक्त बैठक डोरीगंज में हुई। इसमें बालू गाड़ियों के अनियंत्रित परिचालन को महाजाम का सबसे प्रमुख कारण माना गया। इस दौरान जिले के अधिकारियों के बीच आरा-छपरा फोरलेन पर लगातार बालू गाड़ियों के परिचालन के बजाय हर दिन बीच-बीच में रोकने व शिफ्ट में चलाने का निर्णय लिया गया।
समन्वय बनाकर छोड़ा जायेगा ट्रक
विचार हुआ कि कोईलवर (आरा) तरफ बालू गाड़ियां छपरा आती हैं। छपरा छोर से आरा तरफ खाली गाड़ियां जाती हैं। दोनों तरह की गाड़ियों का आवागमन एक ही समय में होता है। फोरलेन बनाने में एक ही लेन में दोनों तरफ से गाड़ियां घुस जाती हैं। इसके बजाय दोनों जिलों के बीच सामंजस्य बनाकर बालू गाड़ियों को छोड़ा जाएगा। सारण जिले के अधिकारियों के कहने पर आरा (भोजपुर) जिले तरफ से बालू लोड गाड़ियों को चलने के लिए भेजा जाएगा। भोजपुर के अधिकारियों के कहने पर छपरा (सारण) जिले तरफ से खाली गाड़ियां उधर भेजी जाएंगी। नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन बीच-बीच में रोककर 400 से 500 बालू गाड़ियों को दोनों जिले भेजेंगे। हालांकि यह नियम कब से लागू होगा, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
Author Profile

Latest entries
करियर – शिक्षाApril 12, 2026छपरा में किसान का बेटा ने रचा इतिहास, डिप्टी जेलर से बने नायब तहसीलदार
क्राइमApril 12, 2026सारण पुलिस ने अपराध की साजिश रच रहे 4 अपराधियों को दबोचा, 41 जिंदा कारतूस बरामद
क्राइमApril 12, 2026जेडीयू MLA पप्पू पांडेय और उनके भाई पर गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट से वारंट जारी
करियर – शिक्षाApril 12, 2026छपरा के अभिषेक ने रचा इतिहास: हवलदार से इनकम टैक्स विभाग में ऑफिस सुपरिटेंडेंट बने



