Digital Museum: 48.76 करोड़ की लागत से बनेगा बिहार विधानसभा का डिजिटल संग्रहालय, 5 गैलरी और ऑडिटोरियम होगा खास
आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवंत होगा विधानसभा का इतिहास

पटना। बिहार विधानसभा 105 साल पूरे कर चुका है। इस दौरान ये विधानसभा कई गौरवशाली इतिहास की साक्षी बनी। अब बिहार विधानसभा के इतिहास को डिजिटल रूप में सहेजा जाएगा। इसके लिए विधानसभा परिसर में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय बनाया जा रहा है। जहां बिहार विधानसभा के निर्माण से लेकर ऐतिहासिक फैसलों को डिजिटल रूप से संग्रहित कर प्रदर्शित किया जाएगा।
48.76 करोड़ रुपये मंजूर
भवन निर्माण विभाग की ओर से संग्रहाल निर्माण के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। संग्रहालय निर्माण के लिए 48.76 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की जा चुकी है। मिट्टी को जांच के लिए भेजा गया है। बैरिकेडिंग और पेलोड क्षमता की टेस्टिंग की जा रही है। इसके बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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1.74 एकड़ भूमि पर बनेगा संग्रहालय
करीब 1.74 एकड़ भूमि पर संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। जहां बिहार विधानसभा के 105 साल का इतिहास डिजिटल रूप से दिखाया जाएगा। भवन निर्माण विभाग की ओर से इसके लिए संवेदक का चयन कर लिया गया है। संग्रहालय के निर्माण को टाइमबाउंड तरीके से पूरा किया जाएगा। जिसकी शुरुआत जल्द होने वाली है।
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ये होगा खास
- संग्रहालय भवन भू-तल और प्रथम तल वाला होगा।
- इसमें पांच आकर्षक दीर्घाएं (गैलरी) होंगी।
- भू-तल पर 356 क्षमता का अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और दो दीर्घाएं बनाई जाएंगी।
- प्रथम तल पर तीन अन्य गैलरियां होंगी।
- 50 लोगों की क्षमता वाला एक कॉन्फ्रेंस हॉल
- इसमें एक मीडिया गैलरी भी तैयार की जाएगी।
डिजिटल रूप में मिलेगा विधानसभा का इतिहास
इस डिजिटल संग्रहालय में बिहार विधानसभा से जुड़ी सभी अहम जानकारियां होंगी। जिसे डिजिटल तरीके से पेश किया जाएगा। इससे लोगों को बिहार विधानसभा के गौरवशाली इतिहास की जानकारी मिल सकेगी। बताते चलें, यह विधानसभा 1920 में बनाई गई थी। जिसका प्रयोग अंग्रेजों ने भी किया। उस दौरान इस विधानसभा से कई बड़े फैसले हुए। यह विधानसभा स्वतंत्रता संग्राम का भी गवाह है। अब ये साक्ष्य संग्रहालय में देखे जा सकेंगे। इसके अलावा यहां बिहार के सभी मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्षों और विधान परिषद के सभापतियों का पूरा विवरण होगा।
आने वाली पीढ़ी के लिए जीवंत होगा अनुभव : कुमार रवि
| भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष के दिशानिर्देश में इस परियोजना पर काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय का निर्माण जल्द शुरू होगा। इस डिजिटल संग्रहालय बनने के बाद यह न सिर्फ बिहार विधानमंडल की राजनीतिक और विधायी धरोहर को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे जीवंत अनुभव में भी बदल देगा। पिछले 100 वर्षों में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और विधान मंडल के गौरवशाली इतिहास को भी प्रदर्शित किया जाएगा। |
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