
पटना। बिहार में जल्द ही पिंक बसों की ड्राइविंग सीट पर जीविका दीदियां नजर आएंगी। इसके लिए उन्हें खासतौर से चालक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह घोषणा परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान की। पटना स्थित विश्वेश्वरैया भवन में आयोजित इस समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि दीदियों को पिंक बस का ड्राइवर और कंडक्टर बनाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इस पहल से महिला सशक्तीकरण में नया अध्याय शुरू होगा। इससे दीदियों के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मंत्री ने कहा कि इच्छुक जीविका दीदियों को पहले पटना या औरंगाबाद स्थित हैवी मोटर व्हीकल का प्रशिक्षण इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) में दिया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षित जीविका दीदियों की तैनाती पिंक बसों में की जाएगी। इच्छुक लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस धारक जीविका दीदियां या अन्य महिलाएं 15 दिसंबर 2025 तक आवेदन दे सकती हैं।
चालक बनने के लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं पास
पिंक बसों में वाहन चालक बनने के लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं पास है। नियोजन के दौरान 9वीं या 10वीं पास अभियार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद एचएमवी लाइसेंस धारकों को रिक्ति के विरुद्ध संविदा पर नियोजन किया जाएगा।
200 महिलाओं को पिंक बस में रोजगार
वर्तमान में राज्य में 100 पिंक बसें चलाई जाती हैं। इन बसों के परिचालन के लिए 200 महिलाओं को प्रशिक्षित कर ड्राइवर और कंडक्टर बनाया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि सभी लंबित योजनाओं में तेजी लायी जाए और ससमय काम पूरा किया जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में आवश्यक कार्य करने का निर्देश दिया। सड़क दुर्घटना मामलों में पीड़ित/ पीड़ित के परिजनों को ससमय मुवाजा राशि का भुगतान किया जाए। सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए हेलमेट, सीट बेल्ट विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश भी दिया।
इस मौके पर राज्य परिवहन आयुक्त आशुतोष द्विवेदी, विभाग के अपर सचिव प्रवीण कुमार, बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा, संयुक्त सचिव कृत्यानंद रंजन, विशेष कार्य पदाधिकारी कुमारी अर्चना और अरुणा कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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