
•भारत सरकार के एचएमआईएस पोर्टल पर आंकड़ा अपलोड करना आवश्यक
• निजी अस्पतालों के प्रीतिनिधियों के साथ सीएस ने की बैठक
छपरा। अब निजी अस्पतालों को भी संस्थागत प्रसव और परिवार नियोजन से संबंधित आंकड़ों को पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसको लेकर भारत सरकार के द्वारा एचएमआईएस पोर्टल बनाया गया है। जहां स्वास्थ्य संबंधित आंकड़ों को अपलोड किया जाता है। इसको लेकर सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा के अध्यक्षता में निजी नर्सिंग होम संचालकों और प्रतिनिधियों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति में बैठक आयोजित की गयी। जिसमे सीएस ने आदेश दिया कि सभी नर्सिंग होम परिवार नियोजन और संस्थागत प्रसव से संबंधित आंकड़ों को हर हाल में पोर्टल पर दर्ज करना है। इस दौरान पीएसआई इंडिया के कार्यक्रम प्रबंधक मुरलीधर द्वारा पीपीटी के माध्यम से उन्मूखीकरण किया गया। पोर्टल पर आंकड़ा अपलोड करने के बारे में विस्तार से बताया गया। डीपीएम अरविन्द कुमार ने कहा कि सभी उपस्थित अस्पताल संचालक और उनके प्रतिनिधि को एचएमआईएस पोर्टल का यूजर आईडी और पॉसवर्ड उपलब्ध करा दिया गया। इस अवसर पर डीपीएम अरविन्द कुमार, डीसीएम ब्रजेन्द्र कुमार सिंह, डीएमएंडई ब्रजेश कुमार, डॉ किरण ओझा, पीएसआई इंडिया से राजीव श्रीवास्तव समेत अन्य मौजूद थे।
स्वास्थ्य संबंधित आंकड़ों को किया जाता है अपलोड:
जिला अनुश्रवण सह मूल्यांकन पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि एचएमआईएस पोर्टल (HMIS पोर्टल) भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधित आंकड़ों को एकत्रित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया एक ऑनलाइन पोर्टल है। इस पोर्टल पर स्वास्थ्य संबंधित आंकड़ों को अपलोड किया जाता है, जैसे कि संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, टीकाकरण, और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आंकड़े।
इस पोर्टल का उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधित आंकड़ों को एकत्रित करना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करना है। इस पोर्टल पर आंकड़ा अपलोड करने से स्वास्थ्य संबंधित आंकड़ों को एकत्रित किया जा सकेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
माता और बच्चे दोनों को स्वास्थ्य संबंधित जोखिमों से बचाया जा सकता है:
संस्थागत प्रसव एक सुरक्षित और स्वस्थ तरीका है जिससे माता और बच्चे दोनों को स्वास्थ्य संबंधित जोखिमों से बचाया जा सकता है। संस्थागत प्रसव में प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सों की देखरेख में प्रसव किया जाता है, जो कि माता और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
संस्थागत प्रसव के कई फायदे हैं:
– सुरक्षित प्रसव: संस्थागत प्रसव में प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सों की देखरेख में प्रसव किया जाता है, जो कि माता और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
– बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं: संस्थागत प्रसव में माता और बच्चे दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जैसे कि टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल, और प्रसव के बाद की देखभाल।
– कम जोखिम: संस्थागत प्रसव में माता और बच्चे दोनों को कम जोखिम होता है, जैसे कि प्रसव के दौरान जटिलताएं, रक्तस्राव, और संक्रमण।
– बेहतर परिणाम: संस्थागत प्रसव में माता और बच्चे दोनों को बेहतर परिणाम मिलते हैं, जैसे कि स्वस्थ बच्चा, कम मृत्यु दर, और बेहतर स्वास्थ्य स्थिति।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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