अब मिट्टी की जांच करवाकर खेतों में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कर रहे हैं किसान
राज्य के सभी 38 जिलों में मिट्टी की हो रही है जांच, इससे उत्पादन बढ़ाने में मिल रही है मदद

पटना। राज्य में अब तेजी से कृषि का आधुनिकीकरण हो रहा है। राज्य सरकार कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है। नई तकनीक को अपनाने से जहां एक ओर फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं किसानों की आय में भी काफी वृद्धि हो रही है। इससे राज्य में किसानों के बीच खुशहाली आ रही है।
इसी कड़ी में राज्य के किसान अब अपने खेतों की मिट्टी की जांच करवा कर पता कर रहे हैं कि उनके खेतों में किन पोषक तत्वों की कमी है और कौन सा पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। इस जांच से किसान रासायनिक उर्वरकों का सही और संतुलित इस्तेमाल कर पा रहे हैं। रासायनिक उर्वरकों के स्मार्ट इस्तेमाल से जहां फसलों का उत्पादन बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर गैरजरूरी इस्तेमाल कम होने से कृषि लागत में भी कमी आ रही है। इससे किसानों की आय बढ़ रही है और उनमें खुशहाली आ रही है। बिहार में मिट्टी जांच की सुविधा राज्य सरकार ने हर जिले में मुहैया करवा दी है। यह जांच राज्य में कृषि के क्षेत्र में एक मौन क्रांति लाने का काम रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 3 लाख मिट्टी नमूनों की जांच की गई है। प्रयोगशाला में मिट्टी के नमूनों का विश्लेषण कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाता है। इस कार्ड में अंकित रहता है कि मिट्टी में कौन सा पोषक तत्व कितनी मात्रा में है और धान, गेहूं, आलू आदि फसलों के लिए किस उर्वरक को कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए। राज्य में किसानों को तीन वर्ष के अंतराल पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर मिल रही है जांच की सुविधा
अब मृदा स्वास्थ्य कार्ड WhatsApp के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपलब्ध ऑनलाइन सॉयल हेल्थ कार्ड में लगभग 106 फसलों के लिए अनुशंसाएं दर्ज होती हैं।
किसानों को स्थानीय स्तर पर आसान मिट्टी जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुमंडल स्तर पर 32 नई मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। वर्तमान में राज्य में 38 जिला स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं, 9 चलंत (मोबाइल) प्रयोगशालाएं और 14 अनुमंडल स्तरीय प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त मिट्टी जांच की गुणवत्ता नियंत्रण के लिए 3 रेफरल प्रयोगशालाएं भी संचालित हो रही हैं।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
Latest entries
छपराApril 25, 2026रिविलगंज के अहिल्या उद्धार स्थल को मिलेगी नई पहचान! रामायण सर्किट से जोड़ने की पहल तेज
छपराApril 25, 2026Job Alert : छपरा में 10वीं पास के लिए नौकरी का बड़ा मौका, 15 पदों के लिए होगा चयन
पटनाApril 25, 2026पटना हाईकोर्ट आतंकी हमले से भी पूरी तरह सुरक्षित, ATA ने मॉक ड्रिल से दिखाई काबिलियत
बिहारApril 23, 2026Jamin Registry: अब 80 वर्ष या इससे अधिक के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा, बनेगी मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट







