
Bhiwadi Chemical Factory Blast: भिवाड़ी (राजस्थान) के खुशखेड़ा–करौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह एक केमिकल और पटाखा निर्माण फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाके के बाद फैक्ट्री में लगी भीषण आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे 25 मजदूरों में से 8 की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में 5 मजदूर बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
सुबह 9:30 बजे हुआ हादसा, पूरे इलाके में गूंजी आवाज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे फैक्ट्री के भीतर तेज धमाका हुआ। इसकी आवाज पूरे इंडस्ट्रियल एरिया में सुनाई दी, जिससे आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर घबराकर बाहर निकल आए। कुछ ही पलों में फैक्ट्री से घना धुआं उठने लगा और आग की लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं।
तीन घंटे बाद आग पर काबू, तब तक जा चुकी थीं 8 जानें
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी थी। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई शव पूरी तरह जलकर कंकाल में बदल गए थे।
रेस्क्यू के दौरान दिल दहला देने वाला मंजर
जब रेस्क्यू टीम फैक्ट्री के भीतर पहुंची तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। कई जगहों पर सिर्फ कंकाल मिले, जबकि कई शवों के अंग अलग-अलग जगह बिखरे पड़े थे। रेस्क्यू कर्मियों ने बॉडी पार्ट्स को पॉलीथीन में इकट्ठा किया। हालत इतनी खराब थी कि मृतकों की पहचान करना मुश्किल हो गया है।
पुलिस गश्त के दौरान दिखा धुआं, तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू
एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया कि सुबह पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी, तभी फैक्ट्री की ओर से धुआं उठता दिखा। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया और एहतियातन आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया गया। खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं।
कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने लिया जायजा
दोपहर करीब 12:30 बजे कलेक्टर अर्तिका शुक्ला घटनास्थल पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में गैस रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया यह किसी छोटे एक्सप्लोसिव मटेरियल का विस्फोट लग रहा है। फैक्ट्री में रखे गए केमिकल और पटाखा सामग्री की विस्तृत जांच की जा रही है। रिकॉर्ड और रजिस्टर जब्त कर लिए गए हैं।
5 मृतक बिहार के मोतिहारी के
प्रशासन के अनुसार, अब तक 8 में से 5 मृत मजदूरों की पहचान हो चुकी है, जो बिहार के मोतिहारी जिले के निवासी थे। शेष मृतकों की पहचान के लिए दस्तावेजों और फैक्ट्री रिकॉर्ड के आधार पर प्रक्रिया जारी है। फैक्ट्री में बड़ी संख्या में बाहर से आए मजदूर काम करते थे, जिससे पहचान में समय लग रहा है।
फैक्ट्री मालिक के खिलाफ जांच शुरू
हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक राजेंद्र के खिलाफ लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री में केमिकल के साथ-साथ पटाखे भी बनाए जा रहे थे, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील कार्य है। यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री ने तय सेफ्टी नॉर्म्स का पालन किया था या नहीं।
पीड़ित परिवारों को मुआवजे का आश्वासन
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने, शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने और शवों को उनके गृह जिलों तक सम्मानपूर्वक भेजने का आश्वासन दिया है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- July 14, 2026छपराछपरा में बुजुर्गों के लिए बड़ी सौगात: 70 वर्ष से अधिक आयु वालों का होगा पूरी तरह निशुल्क इलाज
- July 14, 2026Railway UpdateSpecial Train: छपरा के रास्ते चलने वाली मऊ-कोलकता स्पेशल ट्रेन का परिचालन अवधि बढ़ा, समय में हुआ बदलाव
- July 14, 2026Railway Updateछपरा के रास्ते चलने वाली ग्वालियर-बरौनी स्पेशल ट्रेन का 21 फेरों के लिए अवधि विस्तार
- July 14, 2026छपरासारण में 900 एकड़ सरकारी जमीन की जमाबंदी रद्द, अवैध कब्जे के खिलाफ DM का बड़ा एक्शन



