UPSC Success Story: सारण के आकाश ने रचा इतिहास, बिना कोचिंग UPSC में पाई 789वीं रैंक
कभी प्राइवेट कंपनी में करते थे नौकरी, अब आफिसर बनकर करेंगे देश सेवा

छपरा। कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के एक युवा ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
सोनपुर के गंगाजल पंचायत अंतर्गत परवेजाबाद गांव निवासी आकाश कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में पूरे भारत में 789वीं रैंक प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खास बात यह है कि आकाश ने बिना किसी कोचिंग क्लास के केवल स्वाध्याय के बल पर अपने दूसरे ही प्रयास में यह सफलता हासिल की।
परिवार और गांव में खुशी की लहर
आकाश कुमार स्वर्गीय एकारसी तिवारी के पौत्र और अनिल तिवारी के पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे सोनपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह गर्व का क्षण है।
सोनपुर से शुरू हुई शिक्षा की यात्रा
आकाश की प्रारंभिक शिक्षा सोनपुर से ही शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए दरभंगा का रुख किया, जहां से उन्होंने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने विशाखापत्तनम से 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे आकाश ने इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा IIT भी उत्तीर्ण की और इसके बाद जालंधर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में दाखिला लिया।
नौकरी छोड़कर चुना यूपीएससी का रास्ता
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद आकाश ने देश की प्रतिष्ठित कंपनी एल एंड टी (L&T) में नौकरी शुरू की। लेकिन उनके मन में देश की सेवा करने का सपना था। इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।
बिना कोचिंग के हासिल की सफलता
आजकल जहां अधिकांश अभ्यर्थी महंगी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं, वहीं आकाश ने स्वाध्याय और अनुशासन के दम पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन संसाधनों, किताबों और निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपनी तैयारी जारी रखी।
दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
परिवार और चाचा को दिया सफलता का श्रेय
आकाश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने विशेष रूप से अपने चाचा सुनील तिवारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उन्हें कठिन समय में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
आकाश कुमार की इस सफलता से सोनपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों और शुभचिंतकों का कहना है कि आकाश की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और वे भी बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित होंगे। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि आकाश भविष्य में एक अच्छे प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज और देश की सेवा करेंगे।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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