सोनपुर में कांवड़ियों के लिए 8 मेडिकल कैंप, 150 शौचालय, चेंजिंग रूम, CCTV और हेल्प डेस्क की होगी सुविधा
श्रावणी मेले के लिए पहलेजा घाट पूरी तरह तैयार

सोनपुर (सारण)। श्रावणी मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से सारण जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोनपुर स्थित पहलेजा घाट से लेकर बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक संपूर्ण कांवड़िया मार्ग एवं मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए शेष सभी कार्यों को 29 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी करें, ताकि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पहले भी किया था निरीक्षण, अब हुई प्रगति की समीक्षा
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी ने 30 जून 2026 को भी श्रावणी मेले की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया था। उस दौरान संबंधित विभागों को सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधारभूत सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए थे। सोमवार को किए गए निरीक्षण में उन्होंने उन निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की और शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने का आदेश दिया।
घाटों पर 24 घंटे सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पहलेजा घाट पर पूरे सावन माह के दौरान 24×7 साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, चेंजिंग रूम और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित स्थानों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
पीएचईडी को निर्देश दिया गया कि घाट परिसर में 100 उच्च गुणवत्ता वाले अस्थायी शौचालय तथा घाट तक जाने वाले मार्गों पर 50 अतिरिक्त शौचालय स्थापित किए जाएं। इनके रखरखाव और नियमित सफाई के लिए पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी पूरी तरह चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने घाटों पर सुरक्षित ढलान (स्लोपिंग), मजबूत बैरिकेडिंग तथा सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नदी में बने पीपा पुल को सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार समय पर हटाने के भी निर्देश दिए।
मेला क्षेत्र और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे, वॉच टॉवर, पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति अथवा नदी के जलस्तर में परिवर्तन की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम पहलेजा घाट पर चौबीसों घंटे तैनात रहेगी।
कांवड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग, सड़क होगी गड्ढामुक्त
भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए आने और जाने वाले कांवड़ियों के लिए अलग-अलग पाथवे विकसित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कांवड़िया पथ के सभी गड्ढों की तत्काल मरम्मत कर मार्ग को समतल बनाने तथा पूरे रास्ते में निर्बाध प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा पर्याप्त पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन, स्पष्ट साइनेज, आवश्यक स्थानों पर ड्रॉप गेट और पूरी तरह सुसज्जित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। पर्यटन विभाग को श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए समय रहते बड़े हैंगर (टेंट) तैयार कराने को कहा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कुल आठ मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे। इनमें से चार मेडिकल कैंप पहलेजा घाट पर 24 घंटे संचालित रहेंगे। इसके अलावा लगातार यात्रा करने वाले ‘डाक बम’ कांवड़ियों के लिए अलग से विशेष सहायता काउंटर स्थापित किया जाएगा, ताकि उन्हें जलाभिषेक और आगे की यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
29 जुलाई तक पूरी हों सभी तैयारियां
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, शौचालय, सैनिटेशन, साफ-सफाई, चेंजिंग रूम, हेल्प डेस्क, कंट्रोल रूम, वॉच टॉवर, सीसीटीवी कैमरे, पीए सिस्टम, एंबुलेंस सहित सभी आवश्यक सुविधाएं 29 जुलाई तक पूरी तरह तैयार हो जानी चाहिए। उन्होंने मेला परिसर और आसपास मौजूद झाड़-झंखाड़ को जेसीबी से तत्काल हटाने तथा पर्याप्त पुलिस बल और मैनपावर की तैनाती सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
वैशाली प्रशासन से भी होगा समन्वय
जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ियों की यात्रा का एक हिस्सा हाजीपुर (वैशाली) जिले से होकर भी गुजरता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को वहां भी निर्बाध सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को वैशाली जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने दिया स्पष्ट संदेश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि “श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सेवा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।”
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सोनपुर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर, डीसीएलआर सोनपुर, कार्यपालक दंडाधिकारी, अंचलाधिकारी, पहलेजा थाना प्रभारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अभियंता एवं संबंधित कर्मी मौजूद रहे।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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