Mushroom Ki Kheti: बिहार में महिला किसानों के लिए बड़ा अवसर, मशरूम खेती योजना में 30% भागीदारी रिज़र्व
सिर्फ 75 रुपये की किट पर 67 रुपये सब्सिडी! मशरूम योजना में जल्द करें आवेदन

पटना। राज्य सरकार किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मशरुम की खेती को बढ़ावा देना सरकार के इन्हीं प्रयासों में से एक उदाहरण है। कृषि विभाग ने राज्य योजना के तहत मशरुम अवयवों (मशरूम किट एवं मशरूम हट) की योजना (2025-26) के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया है। इसका लाभ लेने के लिए जल्द आवेदन करना जरुरी है, क्योंकि इस योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
मशरुम के उत्पादन के लिए मशरुम किट जैसे – पैडी/ओयेस्टर, बटन मशरुम किट, बकेट मशरुम किट और झोपड़ी निर्माण पर अनुदान दिया जा रहा है। पैडी/ओयेस्टर मशरूम किट के लिए इकाई लागत 75 रूपये प्रति किट है, जिस पर किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान अर्थात् प्रति किट 67.50 रुपये अनुदान दिया जाएगा। वहीं बटन मशरूम किट के लिए इकाई लागत 90 रूपये प्रति किट है, जिस पर किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान अर्थात् प्रति किट 81 यू अनुदान दिया जाएगा। प्रति कृषक न्यूनतम 25 किट एवं अधिकतम 100 किट का लाभ मिलेगा।
बकेट मशरूम किट पर मिल रहा 90 प्रतिशत का अनुदान
बकेट मशरूम किट के लिए इकाई लागत 300 रूपये प्रति किट है, जिस पर किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान अर्थात् प्रति किट 270 रुपये अनुदान दिया जाएगा। इस घटक अन्तर्गत प्रति कृषक न्यूनतम 02 किट एवं अधिकतम 10 किट का लाभ दिया जायेगा। पैडी/ओयेस्टर मशरूम किट अथवा बटन मशरूम किट के लाभुक भी इस घटक का लाभ ले सकेंगे।
झोपड़ी निर्माण पर 89,750 रुपए का अनुदान
किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए झोपड़ी निर्माण के लिए भी अनुदान दिया जा रहा है। झोपड़ी निर्माण के लिए इकाई लागत 1,79,500 रूपये है, जिस पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान अर्थात् प्रति झोपड़ी निर्माण के लिए 89,750 अनुदान दिया जाएगा। प्रति कृषक अधिकतम 01 (एक) झोपड़ी का लाभ दिया जायेगा। मशरूम उत्पादन के लिए योजना अनुसार 1,500 वर्गफीट में झोपड़ी का निर्माण किया जाना है। इस योजना का लाभ लेने के लिए झोपड़ी निर्माण के साथ सभी घटक स्ट्रॉ, स्पॉन एवं पॉली बैग, टूल्स एवं अन्य सामग्री लेना अनिवार्य होगा।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराJune 15, 2026छपरा जंक्शन के पुनर्विकास का खाका तैयार, डीआरएम ने किया स्थलीय निरीक्षण
छपराJune 15, 2026Sonpur Mela: 24.29 करोड़ की लागत से नये सिरे से सजेगा सोनपुर मेला क्षेत्र, 13.19 करोड़ से होगा अंबिका भवानी मंदिर का कायाकल्प
बिहारJune 15, 2026Bihar Palna Ghar: किलकारियों से गुलजार होंगे सरकारी दफ्तर, खुलेंगे 21 नए पालना घर
बिहारJune 15, 2026प्रिंस यादव की मौत की खबर सुनकर हिल गए खान सर, बोले- पैरों तले खिसक गई जमीन







