सारण में लिंगानुपात पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता, बेटियों के जन्म के लिए प्रोत्साहित करें : डीएम

छपरा
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छपरा : राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अन्तर्गत कार्यक्रम की शुरूआत जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर की गई।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा बालिकाओं को प्रोत्साहित करने हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

वर्तमान समय में बालिकाओं द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जैसे शिक्षा, चिकित्सा, खेल इत्यादि में बालिकाएँ अच्छा प्रदर्शन कर रही है। लड़की लड़का के तुलना में किसी भी क्षेत्र में कमतर नहीं है।

जिलाधिकारी द्वारा बताया कि बालिकाओं का प्रदर्शन प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर हो रहा है। आज विभिन्न प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं में महिला का स्थान टॉप दस में अधिकतर हो रहा है। बी०पी०एस०सी० द्वारा नियुक्त शिक्षक में पचास प्रतिशत से अधिक महिलाएं है। बालिका प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही है। वर्तमान में सारण जिले के लिंगानुपात पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने एवं उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान की आवश्यकता पर बल दिया जाए। इसके लिए सभी बालिकाओं को स्वयं सशक्त होने की आवश्यकता है। तभी हम बेटियों को समाज में समान अधिकार दे पायेंगे।

जिलाधिकारी द्वारा कन्या जन्मोत्सव के तहत 16 महिलाओं को बेबी कीट देकर सम्मनित किया गया। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा खेल के क्षेत्र में राज्य / राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 21 बालिकाओं को मोमेन्टो, ट्रैकसूट एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

छपरा नगर अन्तर्गत सरकारी विद्यालय के कक्षा-09 से 12वीं के 300 बालिकाओं को बैग एवं एम.एच.एम. कीट दिया गया और उनके साथ पैक्सों एक्ट पर परिचर्चा की गई। इस एक्ट के अन्तर्गत बालक एवं बालिका के लैंगिक उत्पीडन एवं उसके लिए क्या-क्या दण्ड निर्धारित है, की जानकारी दी गई। बच्चे अपने आप को कैसे सुरक्षित रखें इसपर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, केन्द्र प्रशासक, वन स्टॉप सेन्टर, जिला मिशन समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ, जिला समन्वयक एवं जिला परियोजना सहायक, पोषण अभियान, महिला पर्यवेक्षिका एवं आई०सी०डी०एस० के अन्य कर्मी आदि उपस्थित हुए।