अब सारण के 37 थानें होंगे सशक्त और सुव्यवस्थित, पुलिस मुख्यालय से मिला 15.30 लाख रूपये राशि

छपरा। बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना द्वारा सारण जिले के सभी थानों को सशक्त, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रारंभिक चरण में सारण जिले के कुल 37 थानों को उनकी श्रेणी के आधार पर राशि आवंटित की गई है, जिसकी कुल राशि ₹15,30,000 (पंद्रह लाख तीस हजार रुपये) है।
थानों को श्रेणी के आधार पर मिला अनुदान
बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा थानों के श्रेणीकरण के आधार पर निम्नानुसार अनुदान राशि स्वीकृत की गई है:
- ‘ए’ श्रेणी के 23 थाने — ₹50,000 प्रति थाना
- ‘बी’ श्रेणी के 10 थाने — ₹30,000 प्रति थाना
- ‘सी’ श्रेणी के 04 थाने — ₹20,000 प्रति थाना
इस निर्णय के तहत थानों को बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा उपकरण, आधुनिक संसाधन, एवं आवश्यक प्रशासनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए राशि का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
थानों के सशक्तिकरण से अपराध नियंत्रण को मिलेगी गति
इस पहल का उद्देश्य थानों की कार्यक्षमता को बढ़ाना, पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाना और जनसामान्य को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है। स्वीकृत राशि से थानों में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, तकनीकी संसाधन, एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति संभव हो सकेगी।
पुलिस प्रशासन में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
बिहार पुलिस मुख्यालय का यह कदम थानों को आत्मनिर्भर और सुदृढ़ बनाने की नीति का हिस्सा है, जिससे वे छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए बाहरी निर्भरता से बचते हुए समय पर निर्णय और क्रियान्वयन कर सकें।
प्रमुख तथ्य संक्षेप में
- 📍 कुल 37 थानों को श्रेणी अनुसार अनुदान
- 🏆 ‘ए’ श्रेणी के 23 थानों को ₹50,000 प्रति थाना
- 🏅 ‘बी’ श्रेणी के 10 थानों को ₹30,000 प्रति थाना
- 🎖️ ‘सी’ श्रेणी के 04 थानों को ₹20,000 प्रति थाना
- 💰 कुल स्वीकृत राशि: ₹15,30,000
Author Profile

Latest entries
छपराMay 30, 2026सारण में सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों की अब खैर नहीं, निगरानी के लिए बनेगी पेट्रोलिंग टीम
छपराMay 30, 2026एक वोट ने बदल दिया खेल! कांटे की टक्कर में जीते विकास सिंह, पप्पू और दिनेश
छपराMay 30, 2026सारण-सीवान को जोड़ने वाले ताजपुर पुल का NIT पटना की टीम करेगी जांच
बिहारMay 30, 2026NFHS-6 Survey Report: बिहार में ‘डबल हेल्थ संकट’! गांव में कुपोषण, शहरों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा



