छपरा में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त अल्ट्रा पोर्टेबल एक्सरे मशीन से टीबी की हो रही है पहचान

छपरा

छपरा। जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कवायद तेज कर दी है। ताकि 2025 तक सारण जिले से टीबी का पूरी तरह से उन्मूलन किया जा सके। लेकिन अब जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच वृहत पैमाने पर शुरू की गई है। जिससे पांच मिनट के अंदर ही टीबी मरीजों की जांच कर बीमारी की पुष्टि की जा रही है। इससे न केवल मरीजों बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों को भी सहूलियत मिल रही है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त अल्ट्रा पोर्टेबल एक्सरे मशीन से जांच में तेजी आई है।

सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि राज्य मुख्यालय के द्वारा जिले को एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई है। जिससे समुदाय के बीच जाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान आसानी से की जा रही है। यह मशीन से टीबी की पहचान करने में काफी कारगर साबित हो रहा है। हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन हल्की एवं इस्तेमाल करने में आसान है। साथ ही इस मशीन से टीबी संक्रमण के अलावा ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर एवं पोषण के स्तर की भी जांच की जा सकती है।

एक्सरे से संभावित टीबी मरीजों की पहचान संभव: डॉ आरपी सिंह
जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ रत्नेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि आईसीएमआर की टीबी प्रेवेलेंस रिपोर्ट के अनुसार 42 प्रतिशत टीबी मरीजों की पहचान एक्स-रे द्वारा की गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि रिपोर्ट के अनुसार ऐसे व्यक्ति थे, जिनमें टीबी के लक्षण स्पष्ट रूप से नहीं पाए गए थे। लेकिन समुदाय में जाकर मलिन बस्तियां ऐसे क्षेत्र जहां कुपोषण से ग्रसित लोगों की संख्या ज्यादा हो एवं ऐसे क्षेत्र जहां एक भी टीबी मरीज पाया गया है, ऐसे जगहों पर टीबी मरीजों की खोज के लिए प्रयास किया जा रहा है। एक मरीज भी अपने परिवार के साथ- साथ समुदाय में कई लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए माइक्रो प्लान के अनुसार ऐसी जगहों पर संभावित टीबी मरीजों की खोज के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
अभी तक 381 लोगों की एक्स-रे रिपोर्ट में 42 लोगों में टीबी की पुष्टि: जिला समन्वयक

वर्ल्ड विजन इंडिया के जिला समन्वयक रणधीर कुमार ने बताया कि जिले के 9 स्थानों में अल्ट्रा पोर्टेबल एक्सरे मशीन के माध्यम से टीबी के लक्षण वाले मरीजों की जांच की गई है। जिनमें 381 लोगों में 42 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। इनमें मांझी प्रखंड में लगाए गए शिविर में 41 लोगों का एक्स-रे किया गया, जिसमें 6 लोगों में टीबी के लक्षणों की पुष्टि हुई है। वहीं दिघवारा में 50 लोगों की जांच में तीन, जलाललपुर में 49 लोगों में छः, जबकि सोनपुर में 49 लोगों में तीन, करिंगा (सदर) में 46 में चार व सैदपुर (दिघवारा) में 28 लोगों की जांच में चार लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। वहीं दरियापुर में 27 लोगों की जांच में आठ, टेकनिवास में 50 लोगों की जांच में तीन, एकमा में 24 लोगों का एक्स-रे करने के बाद पांच लोगों में टीबी के लक्षणों की पुष्टि की गई। जिसके बाद उनका निबंधन करते हुए इलाज शुरू किया गया है।