सारण में जनसंख्या नियंत्रण में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित

छपरा

छपरा। परिवार नियोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों में उदासीनता देखी जाती है। लेकिन अब इसको दूर करने की आवश्यकता है। ताकि लाभुकों को इसका लाभ दिलाया जा सके। साथ ही सभी प्रकार की सेवाओं की सटीक और नियत समय पर रिपोर्टिंग की जाए। जिससे परिवार नियोजन के सभी इंडिकेटर्स की सही रिपोर्टिंग राज्य मुख्यालय को किया जा सके। उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने सदर अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम स्कूल के सभागार में आयोजित पुरस्कार सह सम्मानित समारोह के दौरान कही। जिले में विगत दिनों जनसंख्या स्थिरीकरण के उद्देश्य से मिशन परिवार विकास सेवा अभियान संचालित किया गया था। उक्त पखवाड़ा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वालों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जीएनएम स्कूल के सभागार में प्रशिक्षण शिविर सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसका विधिवत उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा सहित कई अन्य के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों के लिए “बास्केट ऑफ चॉइस” सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी, गाइडलाइंस और मैनुअल उपलब्ध कराई जाती है। जिससे आज परिवार नियोजन से संबंधित अभियान और कार्यक्रमों को सुगमता से पूरा किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधनों के लिए प्रखंडवार एक्सपेक्टेड लेवल ऑफ अचीवमेंट (इएलए) तैयार किया गया है। जिसके तहत सभी इंडिकेटर पर ध्यान देने की जरूरत है। ताकि परिवार नियोजन के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सके। जिले के सभी प्रखंडों में परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों के लिए “बास्केट ऑफ चॉइस” सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध कराया गया है। ताकि लाभुक अपनी सुविधा अनुसार उनका इस्तेमाल कर सकें। फैमिली प्लानिंग इंडेम्निटी स्कीम से सभी को अवगत होना चाहिए। ताकि परिवार नियोजन के ऑपरेशन से हुई लाभुकों की मृत्यु होने पर क्षतिपूर्ति राशि दी जा सके। इसके लिए अलग अलग मामलों में एक निर्धारित राशि दी जाती है। लेकिन, इसके लिए एक जिला स्तरीय जांच कमिटी के द्वारा ही पास किया जाता है। इस स्कीम में डॉक्टर्स भी इंश्योर्ड होते हैं। इसलिए सभी कागजातों को समय से संधारित करें। जिससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नही करना पड़े।सरकार द्वारा उपलब्ध मैनुअल और गाइडलाइंस का अवलोकन कर उसे अपने कार्य पद्धति में शामिल करें।

टीएफआर ट्रेंड में बिहार तीसरे नंबर पर जबकि सारण जिले का टीएफआर रेट 3.1: डीसीएम
जिला सामुदायिक उत्प्रेरक ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि टोटल फार्टिलिटी रेट (टीएफआर) ट्रेंड में बिहार तीसरे नंबर पर है। जिसमें सारण जिले में टीएफआर रेट 3.1 है। जिसको कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ साथ कर्मियों को विशेष ध्यान देना होगा। वहीं मॉडर्न कंट्रासेप्टिव प्रिवेलेंस रेट (एमसीपीआर) के मामले में जिला रेड जोन में है। इसके लिए हमें विशेष रूप से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार नियोजन को लेकर सभी पीएचसी को गाइडलाइंस उपलब्ध कराई जाती हैं। तो फिर आप सभी को जरूर पढ़ना चाहिए। जिससे परिवार नियोजन से संबंधित नए नए तकनीक और गाइडलाइंस से अवगत हो सके। आगे उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सारण जिला अंतरा इंजेक्शन देने में सूबे में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस वर्ष भी सारण जिला किसी न किसी इंडिकेटर में प्रथम स्थान जरूर प्राप्त करेगा।

जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों को किया गया सम्मानित: डीसीएम
जिला सामुदायिक उत्प्रेरक ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में परिवार कल्याण सेवाओं में सराहनीय करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मियों के अलावा स्वास्थ्य संस्थानों को भी जिलाधिकारी के दिशा निर्देश में सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा के द्वारा मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साह वर्धन किया गया। जिनमें महिला बंध्याकरण में मकेर, पुरुष नसबंदी में एकमा, पीपीएस में सदर अस्पताल छपरा, पीपीआईयूसीडी के लिए मकेर व अंतरा के लिए बनियापुर पीएचसी/सीएचसी को पुरस्कृत किया गया। वहीं परसा सीएचसी के एमओआईसी डॉ सुमन कुमार, डॉ स्मृति सिंह, बनियापुर की डॉ सरिता सिन्हा, गड़खा की डॉ मेहा कुमारी व दरियापुर की डॉ काजल कुंवर को उनके उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही बनियापुर की एएनएम शारदा कुमारी, रिविलगंज की सुधा कुमारी व सुषमा कुमारी, मकेर की कुमारी कामनी, सदर अस्पताल की प्रतिभा यादव, पानापुर की आशा प्रतिभा देवी, सदर प्रखंड की आशा रिंकी देवी, इसुआपुर की आशा आरती देवी, मकेर की आशा संजू कुमारी, एकमा की आशा फैसिलिटेटर सिंधु देवी, सोनपुर के परिवार नियोजन परामर्शी नितेश कुमार व मकेर की सीएचओ बंदना कुमारी को भी सम्मानित किया गया। इनके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले 14 अन्य कर्मियों को भी पुरस्कृत किया गया।