
पटना। खरीफ मौसम की फसल इस बार कई जगहों पर मौसम की मार झेल चुकी है। बारिश की कमी या अधिकता से उपजे संकट से किसानों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार ने ‘राज्य फसल सहायता योजना’ के तहत खरीफ किसानों के लिए राहत का रास्ता खोल दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि फसल नुकसान झेल रहे किसानों को सीधे आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सीधे खाते में मिलेगी मदद
सहकारिता विभाग ने जानकारी दी कि जिन किसानों की खरीफ फसल खराब हो गई है, वे 31 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने पर किसानों के बैंक खाते में सीधी आर्थिक सहायता भेजी जाएगी।
कितनी मिलेगी राशि?
- 20% तक फसल क्षति पर किसानों को ₹7,500 प्रति हेक्टेयर सहायता मिलेगी।
- 20% से अधिक क्षति पर सहायता राशि ₹10,000 प्रति हेक्टेयर तय की गई है।
- यह लाभ अधिकतम 2 हेक्टेयर तक मिलेगा।
- नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों के किसान भी इस योजना का हिस्सा होंगे।
- रैयत, गैर-रैयत और आंशिक रैयत-गैर रैयत सभी श्रेणी के किसान लाभान्वित होंगे।
किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह योजना किसानों के लिए पूरी तरह निशुल्क है। इसमें किसानों से किसी प्रकार का प्रीमियम या शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सरकार सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहारा देती है। योजना को पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
आवेदन प्रक्रिया
- किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े रैयत किसान केवल रैयत या आंशिक रैयत-गैर रैयत श्रेणी में आवेदन कर सकेंगे।
- आवेदन करते समय किसानों को फसल और बुआई क्षेत्र की जानकारी देनी होगी।
सत्यापन के बाद राशि खाते में
कटाई के बाद प्रयोग आधारित उपज दर पर योग्य पंचायतों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद सहायता राशि सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि गलत या झूठी जानकारी देने वाले किसानों के आवेदन स्वतः रद्द कर दिए जाएंगे। इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी किसान सहकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ले सकते हैं।