क्राइमछपरा

सारण में डायल 112 पुलिस पर उगाही का आरोप, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

प्रेमी-प्रेमिका को पकड़कर पुलिस की कथित वसूली!

छपरा । जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में डायल 112 की पुलिस गाड़ी पर तैनात एक महिला सिपाही को एक युवक से कथित रूप से पैसों के लेन-देन की बातचीत करते हुए देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच प्रारंभ कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,  17 फरवरी को रात्रि 21:45 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर एक वायरल वीडियो प्राप्त हुआ। वीडियो के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि नगर थाना की ERV-01 (डायल 112) पर प्रतिनियुक्त महिला सिपाही संख्या 722 इंदु कुमारी एक व्यक्ति से कथित रूप से पैसों की मांग से संबंधित बातचीत करती हुई प्रतीत हो रही हैं।

पूछताछ में संबंधित महिला सिपाही ने बताया कि वीडियो लगभग दो माह पूर्व का है। उस दिन ड्यूटी पर पु०अ०नि० (पुलिस अवर निरीक्षक) जगदीश शर्मा तथा चालक सैफ सिपाही उमेश सिंह तैनात थे। प्रथम दृष्टया इस घटना से पुलिस विभाग की छवि धूमिल होती प्रतीत होने पर वरीय अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया।

प्रेमिका के साथ बैठकर बात कर रहा था प्रेमी

वायरल वीडियो से जुड़े युवक का आरोप है कि वह अपनी बालिग प्रेमिका के साथ एक स्थान पर बैठा हुआ था, तभी 112 की पुलिस गाड़ी वहां पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दोनों को रोका, युवती को जाने दिया, जबकि युवक को गाड़ी में बैठाकर उससे पैसों की मांग की गई। युवक का दावा है कि कथित रूप से रकम लेने के बाद उसे छोड़ा गया।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

घटना के सामने आने के बाद कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठने लगे हैं क्या बालिग युवक-युवती का आपसी सहमति से किसी स्थान पर बैठना अपराध की श्रेणी में आता है? क्या पुलिस को इस प्रकार कथित रूप से पैसों की मांग करने का अधिकार है? क्या वर्दी की आड़ में अनुचित दबाव बनाया गया?

आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पु०अ०नि० जगदीश शर्मा एवं महिला सिपाही संख्या 722 इंदु कुमारी, नगर थाना, सारण को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है तथा तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।

सारण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आमजन पुलिस की पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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