सभ्य समाज के निर्माण में संस्कारयुक्त शिक्षा जरूरी: डॉ. अनिल

छपरा
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• पीसीएस स्कूल का तीसरा स्थापना दिवस पर याद किये गये ई. सिपाही राय
• सांस्कृतिक कार्यक्रमों से स्कूली बच्चों ने अभिभावकों का मन-मोहा
• गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण
छपरा। शिक्षा और संस्कार एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। शिक्षा मनुष्य के जीवन का अनमोल उपहार है जो व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल देती है और संस्कार जीवन का सार है जिसके माध्यम से मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण और विकास होता है। जब मनुष्य में शिक्षा और संस्कार दोनों का विकास होगा तभी वह परिवार, समाज और देश के विकास की ओर अग्रसर होगा।

उक्त बातें संजीवनी नर्सिंग होम के संचालक डॉ. अनिल कुमार ने अनवल गांव स्थित पीसीएस स्कूल के तीसरे वर्षगांठ तथा उनके चाचा ई. सिपाही राय के पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होने कहा कि शिक्षा का तात्पर्य सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि चारित्रिक ज्ञान भी होता है जो आज के इस भागदौड़ वाली जिंदगी में हम भूल चुके हैं। हम अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलाकर संतुष्ट हो जातें हैं परन्तु ये हमारी लापरवाही है जो हमारे बच्चों को गुमराह कर रही है। आज के अधिकांश बच्चे संभ्रांत तो हैं पर विवेकशील नहीं।

उन्होने कहा कि वर्ष 2020 में 23 जनवरी को पीसीएस स्कूल की स्थापना की गयी थी। स्कूल के स्थापना का एक मात्र उद्देश्य है संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान करना। हमारे अभिभावक ई. सिपाही राय जिनके दूर-दृष्टि की सोच के बदौलत ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर शिक्षा देने के लिए स्कूल की स्थापना की गयी वो आज हम सबके बीच नहीं है। संयोग है कि जिस दिन स्कूल का स्थापना दिवस था उसी दिन उनका पुण्यतिथि भी है। इस दौरान ई. सिपाही राय के तैल चित्र में पुष्पांजलि कर श्रद्धा सुमन अर्पित की गयी। डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि ई. सिपाही राय हमेशा गरीबों के मदद के लिए आगे रहते थे। इस दौरान पीसीएस स्कूल के द्वारा दर्जनों गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया।

इस दौरान पीसीएस स्कूल के नन्हे-मुन्हे बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की। अपने कार्यक्रमों से बच्चों ने अभिभावकों का मन-मोह लिया। इस दौरान दहेज प्रथा, सास-बहू की नोकझोक जैसे सामाजिक बुराइयों पर चोट करने वाला नाटक भी बच्चों ने प्रस्तुत किया। इस मौके पर डॉ. अनिल कुमार, डॉ. संजू प्रसाद, डॉ. विशाल कुमार, स्कूल के निदेशक प्रदीप कुमार, प्राचार्य संगीता कुमारी सभी शिक्षक-शिक्षिका एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।