
छपरा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सात निश्चय–पार्ट 3 योजना के तहत सारण जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को मॉडल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में दरियापुर, दिघवारा, अमनौर, मांझी और परसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है।
इन सीएचसी को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर इस तरह विकसित किया जाएगा कि अब गंभीर बीमारियों के इलाज और बड़े ऑपरेशन के लिए मरीजों को जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की ओर रुख न करना पड़े। गांव और प्रखंड स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही प्रसूति शल्य कक्ष (मातृ एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर) को भी मॉडल स्वरूप दिया जाएगा।
गैप असेस्मेंट के आधार पर होगा विकास
योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय पदाधिकारी चयनित अस्पतालों का गैप असेस्मेंट कर रहे हैं। इसके तहत अस्पतालों में उपलब्ध भवन, चिकित्सा उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ और अन्य संसाधनों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। आकलन के बाद जो भी कमी पाई जाएगी, उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित पारा मेडिकल कर्मियों की पदस्थापना सुनिश्चित की जाएगी।
मॉडल प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सात निश्चय–पार्ट 3 योजना के अंतर्गत चयनित सीएचसी में प्रसव कक्ष, मातृ एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर तथा जनरल व इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर को अत्याधुनिक बनाया जाएगा। लेबर रूम में ऑटोक्लेव, शैडोलेस लैंप, एलईडी स्पॉट लाइट, सक्शन मशीन, सिरिंज पंप, फीटल डॉप्लर, फोटोथेरेपी यूनिट, रेडिएंट वार्मर, मल्टी पैरामीटर मॉनिटर, एलडीआर बेड, क्रैश कार्ट सहित सभी आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे सुरक्षित प्रसव के साथ नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल संभव हो सकेगी।
स्त्री रोग और जनरल ओटी में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
मातृ एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर में एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, हाइड्रोलिक ऑपरेशन टेबल, डिफिब्रिलेटर, इलेक्ट्रो कॉटरी मशीन, ब्लड वार्मर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, हिस्टेरोस्कोपी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं जनरल व इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में भी सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी इलाज किया जा सके।
ग्रामीण मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि इन मॉडल स्वास्थ्य केंद्रों के विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। प्रसव, ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में यह योजना अहम साबित होगी।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि सभी चयनित सीएचसी में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर उन्हें जिले के लिए आदर्श मॉडल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि आमजन को सुलभ, सुरक्षित और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
बिहारJune 27, 2026Rabri Devi Residence: राबड़ी देवी ने सरकारी बंगला खाली करने से पहले विभाग को लिखा पत्र, नए आवास का इंतजार
छपराJune 27, 2026सारण में मछलियों के मातृत्व काल की सुरक्षा के लिए प्रशासन सख्त, 15 अगस्त तक शिकारमाही पर रोक
बिहारJune 27, 2026बिहार में मात्र 1 रूपये में 40 एकड़ जमीन देगी सरकार, निवेशकों के लिए खुला खजाना
नौकरीJune 27, 2026Bihar Fishery Assistant Recruitment: बिहार में मछली उत्पादन बढ़ाने की बड़ी तैयारी, 2,000 पंचायतों में तैनात होंगे मत्स्य सहायक







