
Saran juvenile home: किशोरों की सुरक्षा, सुधार और पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर दिखा। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सारण जिले में संचालित पर्यवेक्षण गृह सह बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य के पुनर्वास से जुड़े कई अहम पहलुओं की गहन समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
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चहारदीवारी ऊंची करने और कंटीले तार को मजबूत करने का आदेश
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम परिसर की चहारदीवारी को और ऊंचा करने तथा उसके ऊपर कंटीले तार को सुदृढ़ ढंग से लगाने का निर्देश दिया, ताकि गृह की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना समाप्त की जा सके।
16–18 वर्ष के जघन्य अपराध में संलिप्त किशोरों को स्थानांतरण का निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के जघन्य (Heinous) अपराध में संलिप्त बच्चों को इस गृह से अविलंब अन्य उपयुक्त गृह में स्थानांतरित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नियमों के अनुरूप बच्चों का वर्गीकरण और देखभाल हो सके।
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नए पर्यवेक्षण गृह भवन निर्माण पर जोर
निरीक्षण के दौरान सदर प्रखंड के विशुनपुरा (निकट चयनित भूमि) पर नए पर्यवेक्षण गृह भवन के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने हेतु पुनः अनुरोध भेजने का निर्देश दिया, ताकि जिले में आधुनिक एवं बेहतर सुविधाओं से युक्त पर्यवेक्षण गृह का निर्माण शीघ्र शुरू हो सके।
साफ-सफाई और किचेन व्यवस्था पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने परिसर, गृह भवन के अंदरूनी हिस्सों एवं किचेन को नियमित रूप से पूर्ण साफ-सुथरा रखने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक विकास के लिए स्वच्छ वातावरण अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के शैक्षणिक विकास और कौशल प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गृह में रह रहे सभी बच्चों की रुचि (Hobby) के अनुसार प्रोफाइल तैयार की जाए और उसी के अनुरूप उन्हें शिक्षा एवं स्किल ट्रेनिंग दी जाए, ताकि वे इस गृह से निकलने के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर 24 घंटे में CCTV लगाने का आदेश
सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए जिलाधिकारी ने पूरे परिसर एवं भवन के अंदर मौजूद ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर 24 घंटे के भीतर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया। इससे परिसर की 24 घंटे प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
अधिकारी और सुरक्षा कर्मी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान बाल संरक्षण पदाधिकारी, पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक एवं सभी सुरक्षा गार्ड उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और बच्चों के हित को सर्वोपरि रखने की बात कही।
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