नाबालिक दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा, पीड़िता को चार लाख सहायता राशि देने का आदेश
छपरा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पष्टम सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट सुमन कुमार दिवाकर ने सोनपुर थाना कांड संख्या 310/ 14 के पॉक्सो वाद संख्या 8/15 में सोनपुर थाना के गोविद्चक घेघटा निवासी चंदन कुमार को पोक्सो की धारा 6 में आजीवन कारावास और एक लाख अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त 1 साल की कारावास एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 452 में चार वर्ष,323 में छह माह की सजा सुनाया है साथ ही बिहार सरकार के पीड़िता योजना से चार लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पोक्सो एक्ट सह लोक अभियोजक सुरेंद्र नाथ सिंह एवं उनके सहायक अश्वनी कुमार ने न्यायालय में सरकार का पक्ष रखा और सूचिका एवं डॉक्टर तथा अनुसंधानकर्ता सहित पांच गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई। विदित हो कि सोनपुर थाना क्षेत्र की निवासी पीड़िता ने 20 जुलाई 2014 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें उसने दर्शाया था कि उसकी मां नर्स का काम करती है और प्रत्येक दिन अपने काम पर सुबह चली जाती है।
घटना के दिन एक व्यक्ति आया और उसके मामा का फोन नंबर मांगा। शाम में उसके घर एक व्यक्ति आया और उसकी बड़ी बहन को पकड़कर उसे एक रूम में बंद कर दिया और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया चिल्लाने पर उसको थप्पड़ से मारपीट किया और इसके पेट मे चाकू भी मार दिया। जाते समय उसके दीदी के गले से सोने का आभूषण वगैरह भी लेकर चला गया।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- October 28, 2026क्राइमCrime News Chhapra: सारण में शौच करने गए युवक को चाकू मारकर किया घायल, जाँच में जुटी पुलिस
- October 28, 2026बिहारअब घर बैठे मिलेगी 118 साल पुरानी जमीन की रजिस्ट्री, बिहार में 77.80 लाख दस्तावेज अपलोड
- October 28, 2026छपरासारण में अब होगी सिटी एसपी की तैनाती, बिहार कैबिनेट ने नए पद सृजन को दी मंजूरी
- October 27, 2026छपरासारण के अमनौर हरनारायण पंचायत में 67.88 लाख के भुगतान पर सवाल, 6.82 लाख की कथित गड़बड़ी पर FIR की अनुशंसा



