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कभी गली-गली साइकिल से घूमकर बेचता था रुई, पंचायत वेबसीरीज में “विनोद” के किरायदार से मिली पहचान

नेशनल डेस्क। साइकिल पर रुई बेचकर 100 रुपया प्रतिदिन कमाने वाले बिहार के “बिनोद” ने पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना लिया।

पंचायत वेब सीरीज बिनोद को तो आज हर कोई जानता है, लेकिन क्या आप जानते हैं बिहार के इस लड़के को यह मुकाम हासिल करने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा?
बिनोद का असली नाम अशोक पाठक है, जो बिहार के सिवान जिला से सम्बद्ध रखते हैं। शुरू से ही इनका परिवार बेहद गरीबी से गुजर रहा था और रोजगार की तलाश ने इन्हें हरयाणा पहुंचा दिया। 9वी के बाद की पढ़ाई इन्होंने हरयाणा से ही किया और अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए वह साइकिल से फेरी लगाकर रुई बेचा करते थे।

कुछ दिनों तक विनोद इसी काम को करते रहे और जब इनके पास लगभग 40 हज़ार रुपये इकठ्ठा हो गए तब विनोद मुंबई का रुख किए।
मुंबई का सफर भी इतना आसान नही था, वहाँ पर इन्होंने एक छोटा सा कमरा लिया, जिसमे वह खाना भी बनाते थे और रहते भी थे। आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि बिनोद ने Panchayat Web series से पहले भी दर्जनों फिल्मों में काम किया लेकिन कुछ खास पहचान नही मिली।
लेकिन आखिरकार यह भी सत्य है कि हुनर से सफलता लेने में वक्त तो लग सकता है लेकिन आप सफल जरूर होते हैं। आज बिनोद का नाम पूरे भारत के लोग जानते हैं और इन्होंने अपनी Acting का छाप हर घर मे छोड़ दिया है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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