सारण में डच मकबरा का होगा सौंदर्यीकरण, डीएम ने की 2.20 करोड़ की कार्य योजना तैयार

छपरा: सारण जिले के सदर प्रखंड स्थित करिंगा गांव में स्थित ऐतिहासिक डच मकबरे का सौंदर्यीकरण करने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के तहत डच मकबरे को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। जिलाधिकारी अमन समीर ने इस कार्य योजना को बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग को प्रस्तावित किया है। योजना की कुल लागत 2 करोड़ 20 लाख दो हजार 567 रुपये है।
डच मकबरा की ऐतिहासिकता बहुत गहरी है। यह मकबरा लगभग 300 वर्ष पुराना है और ताजमहल की तर्ज पर निर्मित किया गया था, जिस कारण स्थानीय लोग इसे “छोटा ताजमहल” के नाम से भी जानते हैं। इसका निर्माण डच साम्राज्य द्वारा 1770 ईस्वी में किया गया था और यह डच गर्वनर जैकवस वैन हर्न की याद में बनाए गए एक स्मारक के रूप में खड़ा है।
18वीं सदी के आरंभ में हुआ था निर्माण:
डच मकबरे का निर्माण 18वीं सदी के आरंभ में हुआ था, जब यूरोपीय व्यापारी कंपनियों का भारतीय उपमहाद्वीप में एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक प्रभाव था। करिंगा के पास स्थित यह डच सिमेट्री उस समय डच व्यापारियों और अधिकारियों के लिए एक प्रमुख स्थान था। डच यात्री ट्रैवरिन ने सबसे पहले 21 दिसंबर 1665 को पटना पहुंचने के बाद छपरा का दौरा किया था और यहां की विशेष मिट्टी से बने शोरा की गुणवत्ता को देखकर डच व्यापारियों ने इस क्षेत्र को अपने व्यापार का केंद्र बना लिया था।
परियोजना का उद्देश्य:
इस डच मकबरे का जीर्णोद्धार और आस-पास के क्षेत्र का विकास करने से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। छपरा मुख्यालय से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित करिंगा गांव में यह ऐतिहासिक स्थल, राज्य, देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेगा। साथ ही, इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में मदद मिलेगी।
सम्भावनाएं:
डच मकबरे का सौंदर्यीकरण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित करेगा। इस परियोजना के तहत आसपास के क्षेत्रों में सुविधाओं का विकास, पर्यटकों के लिए मार्गदर्शन, सुरक्षा और अन्य बुनियादी ढांचों का निर्माण किया जाएगा।
कुल मिलाकर, डच मकबरे का सौंदर्यीकरण न केवल ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह छपरा और पूरे सारण जिले के लिए एक नई पर्यटन धारा का सूत्रपात भी करेगा। इस परियोजना को पूरा करने से आने वाले वर्षों में यहां के पर्यटन उद्योग को नया जीवन मिलेगा और यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए और अधिक प्रसिद्ध होगा।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- July 10, 2026छपराMNREGA Scam In Chhapra: सारण में मनरेगा की 4 योजनाओं में घोटाला, अधिकारी समेत मुखिया पर FIR दर्ज, 3.21 लाख की वसूली के आदेश
- July 10, 2026करियर – शिक्षाBPSSC Prohibition SI Exam: सारण के 26 केंद्रों पर होगी मद्य निषेध सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा, 13 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
- July 10, 2026छपराPM Surya Ghar Yojana: ₹78 हजार तक सब्सिडी, डीएम बोले- यह सबसे उपभोक्ता-फ्रेंडली और किफायती योजना
- July 10, 2026क्राइमChhapra Crime News: कूड़ा फेंकने के विवाद में हुई थी हत्या, दो भाइयों को उम्रकैद की सजा



