क्राइम

छपरा में दमाद की हत्या मामले में ससुर समेत तीन को उम्रकैद

छपरा। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रघुवंश नारायण ने प्रेम विवाह के कारण दामाद की हुई हत्या मामले में ससुर सहित तीन आरोपितों को उम्रकैद एवम अर्थदंड की सजा सुनाई है। उन्होंने मांझी थाना कांड संख्या -10 / 21 के एससी/ एसटी ट्रायल संख्या- 81/ 21 में मांझी थाना के डुमरी निवासी गणेश यादव, राजेश यादव, सुभाष यादव को अंदर दफा 302 में आजीवन करावास एवम 10 हजार जुर्माना 307 में 10 वर्ष तथा 5 हजार जुर्माना 324 में 2 वर्ष एवम 325 भा.द.वि. में 5 वर्ष एवं हरिजन जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत सजा सुनाई है।

एक अभियुक्त सुभाष यादव के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण न्यायाधीश द्वारा पूर्व में उनका बंध पत्र खण्डित कर गैर- ज़मानतीय वारंट निर्गत कर पुलिस अधीक्षक,छपरा को प्रेषित किया गया था। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अनुसूचित जाति / जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम चंद्रमा प्रसाद साह एवं सूचक के तरफ से बसंत कुमार “डब्लू” (अधिवक्ता) तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वीरेश चौबे ने न्यायालय में अपना-अपना पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से डॉक्टर तथा अनुसंधान कर्ता सहित कुल 8 गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई गई।

बताते चलें कि मांझी थाना के डुमरी निवासी शिवनाथ साह ने नौ जनवरी 2021 को जख्मी हालत में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था। उसमें दर्शाया था कि उनका पुत्र चंदन साह करीब दो वर्ष पूर्व अपने ही गांव के गणेश यादव की पुत्री ज्योति कुमारी से प्रेम विवाह किया था।

शादी के बाद वे दोनों दिल्ली भाग गए थे। घटना के 10 दिन पहले उनका पुत्र अपनी पत्नी के साथ गांव आया था। घटना के दिन करीब एक बजे दिन में सूचक अपनी पत्नी पानपति देवी, पुत्र चंदन साह, बहू ज्योति कुमारी के साथ अपने दरवाजा पर बैठा था।

उसी समय बहू के घर के गणेश यादव, राजेश यादव, शैलेश यादव, सुभाष यादव, लालबाबू यादव, शंभू यादव अपने हाथ में हथियार लाठी डंडा लिए घर पर धमक गये। इसके बाद बेटे पर लाठी एवं घातक हथियार से हमला किया, जिससे हाथ टूट गया। गणेश यादव और राजेश यादव ने चंदन की गला दबाकर हत्या कर दी।

इसके अलावा, उनके बहू के साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गई। उसको मरा समझ के छोड़ दिया। वहीं, माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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