भीषण गर्मी में बुजुर्गो और बच्चों का रखें विशेष ख्याल, पानी कमी नहीं होने दें : डॉ अनिल

छपरा। सारण में गर्मी का कहर है। बढ़ती गर्मी में शरीर बहुत जल्दी डिहाइड्रेटेड होता है। ऐसे में इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बहुत ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है। हीट की चपेट में आने से बच्चे और बुजुर्ग कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। जिले में हीट वेव के चपेट में आने से कई को अपनी जान गवानी पड़ी तो वही अत्यधिक गर्मी से डायरिया का भी प्रकोप बढ़ गया है साथ ही रिविलगंज में तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट जारी कर दिया है।
शहर के श्यामचक संजीवनी नर्सिंग होम एवं मेटरनिटी सेंटर के सस्थापक एवं प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अनिल कुमार ने बताया कि हीट वेव से कई बीमारियां हो सकती हैं और इस भीषण गर्मी से उन्हें बचाने के लिए क्या करना चाहिए?
हीट वेव से हो सकती हैं ये बीमारियां:
डॉ अनिल कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में हमारे शरीर में पसीना ज़्याद निकलता है जिस कारण बॉडी बहुत जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार होती है। शरीर में पानी की कमी होने से कई मिनरल और विटामिन की कमी भी हो जाती है। खासकर इस मौसम में तो बच्चों और बुजुर्गों का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। शरीर में पानी की कमी से लंग्स डैमेज हो सकते हैं। गर्मी की वजह से दिल से जुड़ी बीमरियां और हार्ट स्ट्रोक भी आ सकता है और लोगों की मौत भी हो सकती है। गर्मी के मौसम में फेफड़ों पर भी बेहद बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर हवा में प्रदूषण है तो भीषण गर्मी में अस्थमा की समस्या भी बढ़ जाती है।
गर्मी में बढ़ा डायरिया का प्रकोप
अत्यधिक गर्मी के कारण डायरिया की बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। गर्मी में खानपान में लापरवाही बरतने पर डायरिया रोग लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। डायरिया के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
क्यों होती है बीमारी
-दूषित भोजन और बाजार में खुले में बिक रहे जूस वगैरह पीने से डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। वैक्टीरिया युक्त पानी के सेवन से डायरिया की बीमारी होती है।
ये बरतें सावधानियां
भोजन करने से पहले हाथ-पैर अच्छी तरह धो लें।
– मक्खी भिनभिनाने वाली और गंदी जगह पर दुकानों से कटे हुए फल खरीद कर नहीं खाना चाहिए।
-सुपाच्य और संतुलित भोजन ही ग्रहण करें। बाजार की चीजें खाने से बचें।
हीट वेव से कैसे करें अपना बचाव?
हीट वेव से बचाव के लिए आपकी बॉडी में पानी की मात्रा कम नहीं होनी चाहिए। इसलिए एक दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीने को कहें।
खीरा,ककड़ी, तरबूज और खरबूज जैसा फाल उन्हें खिलाएं, ये पानी और फाइबर से भरपूर फल उनके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देंगे।
बच्चों को दोपहर के समय घर से बहार बिलकुल भी न निकलने दें। अगर बच्चे या बुजुर्ग दोपहर में बाहर से कहीं आ रहे हैं तो तुरंत नहाने से बचें।
बाहर से आने के बाद उन्हें तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी न दें। थोड़ी देर आराम करने दें जब बॉडी नार्मल टेम्प्रेचर में आ जाए तब ठंडा पानी दें।
बुजुर्गों और बच्चों को हमेशा लाइटवेट, ढीले और कॉटन के कपड़े पहनन के लिए कहें।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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