अब छपरा में दर्पण मोबाइल ऐप से होगी डॉक्टरों की निगरानी, एंबुलेंस का पंचायतों से टैगिंग किया गया

छपरा। सारण में अब ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों की खैर नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग के नयी पहल से अब चिकित्सकों की निगरानी ऑनलाइन रखी जायेगी। इसको लेकर एक मोबाइल ऐप लंच किया गया है। दर्पण मोबाइल ऐप के माध्यम से चिकित्सकों के उपस्थिति की निगरानी की जायेगी। दरअसल चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा यह पहल की गयी है। एसओपी के अनुसार चिन्हित औषधियों- दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों का 24X7 सेवा सुनिश्चित करने, दर्पण प्लस एप के माध्यम से चिकित्सकों की उपस्थिति का अनुश्रवण करने, आईईसी सामग्रियों का वितरण करने, ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत परिचालित एंबुलेंस का पंचायतों से टैगिंग किया गया है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अलावा आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, जीविका, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, परिवहन, पीएचईडी सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के लिए निर्देशित गया है। वहीं आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका, विकास मित्र, जीविका दीदियों, शिक्षकों सहित सभी सहयोगी संस्थाओं को जेई- एईएस के रोकथाम से संबंधित जन जन तक जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरियापुर में 02 बेड को सुरक्षित रखा गया है।
एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और जापानी इंसेफलाइटिस (जेई) के उचित प्रबंधन को लेकर दरियापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन स्थानीय दरियापुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ (मेजर) सत्येंद्र कुमार सिंह के अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर सीडीपीओ अंजू सिंह, बीएचएम रविश कुमार, बीसीएम ध्रुप कुमार, आईसीडीएस की महिला पर्यवेक्षिका शालिनी कुमारी और कविता यादव, यूनिसेफ के लालबाबू, पीरामल स्वास्थ्य के पीएल पीयूष कुमार, बीसी तेज नारायण गुप्ता सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
एईएस की रोकथाम एवं प्राथमिक उपचार में आंगनबाड़ी सेविका और आशा कार्यकर्ताओ की अहम भूमिका
प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को ओआरएस का दस पैकेट तथा पैरासिटामोल का ओरल लिक्विड 125 एमजी/5 एमएल-60 एमएल बोतल के दो बोतल की उपलब्धता की गई है। वहीं स्थानीय प्रखंड के सभी 23 पंचायतों में कार्यरत प्रत्येक आंगनबाड़ी सेविका को ओआरएस का दस पैकेट तथा पैरासिटामोल ओरल लिक्विड 125 एमजी/5 एमएल-60 एमएल बोतल के एक बोतल की आपूर्ति की गई है। ताकि क्षेत्र भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाएं तथा आशा कार्यकर्ता बच्चों में एईएस अथवा अन्य बीमारियों की रोकथाम एवं प्राथमिक उपचार में इन दवाओं का उपयोग करेंगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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