छपरा

छपरा में अब खुले में मांस-मछली बेचने पर नगर निगम ने लगाया रोक

छपरा। छपरा में सड़क के किनारे खुले में और धार्मिक स्थलों व स्कूलों के आसपास मीट-मछली बेचने वालों पर नगर निगम लगाम लगाने की तैयारी कर रहा है। निगम सभी प्रमुख बाजारों में एक जगह सुनिश्चित करेगा सिर्फ वहीं मीट-मछली ढंककर बेजी जा सकेगी। खुले में मीट-मछली बेचने से न सिर्फ सड़कों पर गंदगी होती है बल्कि लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उल्लेखनीय हो कि शहर के सभी हिस्सों में धड़ल्ले से मीट-मछली की बिक्री हो रही है। खुले में मीट बेचने वाले ज्यादातर दुकानदारों ने नगर निगम से अनुमति भी नहीं ली है। यहां राजेंद्र महाविद्यालय, रामजयपाल महाविद्यालय के मुख्यद्वार एवं उसके आसपास के हिस्सों पर अतिक्रमण कर वर्षो से मुर्गा बेचा जा रहा है।

इसी तरह नगर पालिका चौक, करीम चौक, मौना साढ़ा रोड समेत शहर के अधिकांश हिस्सों में सड़क पर अतिक्रमण कर खुले में मीट-मछली धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। ज्यादातर दुकानदार मीट-मछली का वेस्ट नालियों में डाल देते हैं जिससे नालियां जाम हो जाती है।

ऐसे दुकानदारों पर नगर निगम शिकंजा कसने की तैयारी करेगा। नगर निगम यह तय करेगा कि शहर के किन-किन हिस्सों में मीट-मछली बेचा जाएगा। नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि खुले में मीट-मछली बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा।

खासकर धार्मिक स्थलों एवं स्कूलों के आसपास मीट बेचने पर रोक रहेगी। सभी बाजारों में मीट-मछली के लिए जगह निर्धारित की जाएगी।

नगर निगम प्रशासन में 20 दिनों के अंदर खुलेआम मीट, मछली एवं मुर्गा बेचने वालों को हटाने का निर्देश दिया गया है, इतना ही नहीं मीट मछली बेचने वाले दुकानदारों को नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस भी लेना होगा।

नगर निगम का यह है नियम

  • बिहार सरकार, नगर विकास एवं आवास विभाग, पत्रांक-03/वधशाला-11. 17/2015-4932/ नवि एवं आ वि,दिनांक 08दिसंबर 2015 के अनुसार खुले में मांस कुक्कुट ब्रिकी की दुकान को संवेदनशील स्थल जैसे स्कूल एवं धार्मिक स्थल के निकट नहीं खोला जाना है। अगर पहले से वहां मौजूद हो तो उसे तुरंत हटा लिया जाए।
  • मांस एवं कुक्कुट बिकी स्थल को काले कपडे लटका कर या चीक लगाकर आम लोगों के नजर से ओझल रखा जाय।
  • किसी भी पशु का वध सार्वजनिक जगह पर या खुले स्थानों पर नहीं हो जिसे लोग आसानी से देख सके।
  • नगर निगम क्षेत्रांतर्गत सभी मीट, मछली मुर्गा कटिंग करने वाले दुकानदारों को सूचित किया जाता है कि निगम कार्यालय से अपने दुकान/फार्म के नाम से ट्रेड लाईसेंस बनवाना सुनिश्चित करें।
  • दुकान से निकले अपशिष्ट/कचडा इत्यादि को इकट्ठा कर रखें ताकि निगम की गाड़ी उस कचड़ा को आपके दुकान से उठा लेगी।
  • जो दुकानदार खुले में मीट/ मछली/मुर्गा बेच रहें हैं, वो 20 दिनों के भीतर अपना दुकान खुले जगह से हटा लें एवं उसे व्यवस्थित ढंग से छत के दुकान के अन्दर कर लें।
  • खुले में मीट/मछली/मुर्गा बेचने या उसका कचड़ा जहां-जहां फेंकने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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