सारण मुख्य नहर के पुनर्स्थापन को मिली कैबिनेट से मंजूरी, 334 करोड़ रुपये होगा खर्च

छपरा। सारण मुख्य नहर के पुनर्स्थापन कार्य सहित जल संसाधन विभाग की कुल 09 योजनाओं की मंजूरी मिल गई है। जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि सारण मुख्य नहर बिहार भाग में अनलाईन्ड है, जबकि उत्तर प्रदेश भाग में मुख्य पश्चिमी नहर लाईन्ड है।। इससे सारण मुख्य नहर में निर्धारित 8500 क्यूसेक जलस्राव की जगह सिर्फ 3400 क्यूसेक जलस्राव प्रवाहित हो पाता है। यानी मुख्य नहर में रुपांकित जलस्राव के आधे से भी काफी कम पानी प्रवाहित हो पाता था। इसके समाधान के लिए सारण मुख्य नहर के वि.दू. 0.00 से वि.दू. 55.75 तक कुल 17 किमी लंबाई में 334 करोड़ रुपये की लागत से गाद सफाई तथा नहर के पक्कीकरण का कार्य कराया जाएगा।
संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर उन्होंने खुद 27 सितंबर 2023 को सिवान जिले के महाराजगंज प्रखंड में छपरा शाखा नहर के वि.दू. 100.25 और महाराजगंज उपशाखा नहर के वि.दू. 0.00 पर स्थल निरीक्षण किया था।
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी चंपारण जिलान्तर्गत वाल्मीकिनगर बराज के पश्चिमी हेड रेगूलेटर से मुख्य पश्चिमी नहर निकलती है। यह नहर नेपाल तथा उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार में गोपालगंज जिला के कुचायकोट प्रखण्ड के सुखदेव पट्टी ग्राम में प्रवेश करती है, जिसे सारण मुख्य नहर के नाम से जाना जाता है। सारण मुख्य नहर में जलस्राव बढ़ने पर छपरा शाखा नहर में पानी पहुंचने लगेगा।
सारण मुख्य नहर में जलश्राव में वृद्धि होने के फलस्वरूप इस नहर के 0.30 किमी से निस्सृत कटैया शाखा नहर एवं इसकी वितरण प्रणाली, 2.43 किमी से निस्सृत दुलारपुर वितरणी एवं गोपालगंज वितरणी तथा 9.14 किमी से निस्सृत हथुआ शाखा नहर एवं इसकी वितरण प्रणाली में पर्याप्त मात्रा में जलस्राव उपलब्ध हो सकेगा एवं नहरों के अंतिम छोर तक अच्छी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस योजना के कार्यान्वयन से गोपालगंज, सिवान एवं सारण जिले के किसान लाभान्वित होंगे।
नये तटबंध का होगा निर्माण, मिलेगी बाढ़ से सुरक्षा
गंडक नदी के दायें किनारे पर बनिया से सगुनी के बीच 8.330 किमी लंबाई में नये तटबंध के निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य (प्राक्कलित राशि 59 करोड़ 98 लाख 27 हजार रुपये) कराने की योजना है। प्रस्तावित तटबंध का निर्माण गंडक नदी के दायें किनारे पर अवस्थित सारण तटबंध के किमी 63.30 से किमी 66.10 के बीच कुल 8.33 किमी लम्बाई में नदी भाग में किया जाना है, जिससे अप्रत्याशित जलश्राव की स्थिति में सारण तटबंध को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।
इस योजना के कार्यान्वयन से सारण जिले के पानापुर एवं तरैया प्रखंड के माधोपुर, हसनपुर-बनिया, जिमदाहां, अरदेवा, अकोली, रजवाड़ा मुकीम, रजवाड़ा एवं खपत-भगवानपुर आदि ग्रामों को गंडक नदी के बाढ़ से सुरक्षा मिल सकेगी। साथ ही क्षेत्र के विभिन्न मार्गों, सरकारी / निजी संरचनाओं, भवनों एवं कृषि योग्य भूमि को बाढ़ से सुरक्षा प्राप्त होगी।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराJune 9, 2026इलाज करें या खुद को बचाएं? बढ़ती हिंसा और कानूनी कार्रवाई से सहमे डॉक्टर
बिहारJune 9, 2026बिहार में जमीन मापी कराना हुआ महंगा, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शुल्क लगभग दोगुना
क्राइमJune 9, 2026सारण में अपराधियों की अर्जित अवैध संपत्ति होगी जब्त, SSP ने दिया आदेश
करियर – शिक्षाJune 9, 2026Bihar Home Guard Clerk Exam 2026: सारण में 26 केंद्रों पर होगी अधिनायक लिपिक भर्ती परीक्षा, कदाचार रोकने को प्रशासन पूरी तरह तैयार







