छपरा

Chhapra Flood Crisis: बाढ़ के बीच गूंजी किलकारी, जन्माष्टमी पर अकिलपुर दियारा में ‘कान्हा’ के आने की खुशी

दियारा में प्रसव पीड़ा से जूझ रही अनीता तक नाव और मेडिकल टीम पहुंची

छपरा। चारों ओर बाढ़ का पानी, रास्ते डूबे हुए और सामान्य आवागमन बाधित था। ऐसे मुश्किल हालात के बीच दिघवारा के अकिलपुर दियारा के दुधिया क्षेत्र में एक परिवार के लिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। प्रसव पीड़ा से जूझ रही अनीता कुमारी तक स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम पहुंची और सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। बाढ़ के बीच नवजात की किलकारी से परिवार में खुशी छा गई और मुश्किल परिस्थितियों के बीच स्वास्थ्य विभाग की तत्परता ने एक मां और उसके बच्चे को सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।

यह घटना बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की आपदा तैयारी और मेडिकल टीमों की सक्रियता का उदाहरण बनी है। सड़क मार्ग से संपर्क बाधित होने के बावजूद स्वास्थ्यकर्मी दियारा क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता देते हुए जांच, उपचार, दवा और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रसव पीड़ा की सूचना मिलते ही दुधिया पहुंची टीम

अकिलपुर दियारा क्षेत्र के दुधिया में अनीता कुमारी को प्रसव पीड़ा होने की सूचना मिलते ही दिघवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम सक्रिय हुई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रौशन कुमार के नेतृत्व में टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचकर महिला की स्थिति का आकलन किया और सुरक्षित प्रसव कराया। मेडिकल टीम में बीएचएम रिचा कुमारी, एएनएम मिनती कुमारी और एएनएम अंकिता कुमारी शामिल थीं। टीम की निगरानी में प्रसव कराया गया और मां तथा नवजात दोनों को सुरक्षित रखा गया।बाढ़ के कारण महिला को सामान्य तरीके से स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मेडिकल टीम की उपलब्धता महत्वपूर्ण साबित हुई।

जन्माष्टमी के दिन परिवार में आई दोहरी खुशी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चे का जन्म होने से परिवार के लोगों की खुशी और बढ़ गई। बाढ़ की कठिन परिस्थितियों के बीच जब नवजात की किलकारी गूंजी तो परिवार के सदस्यों को बड़ी राहत मिली। स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए भी यह पल विशेष रहा, क्योंकि बाढ़ के बीच समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर प्रसव को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहां लोग रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशान हैं, वहीं इस परिवार के लिए जन्माष्टमी का दिन जीवन की नई शुरुआत की खुशियां लेकर आया।

दो अन्य गर्भवती महिलाओं को भी कराया गया रेस्क्यू

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केवल अनीता कुमारी की ही मदद नहीं की, बल्कि क्षेत्र में प्रसव का समय नजदीक होने वाली दो अन्य गर्भवती महिलाओं की भी पहचान की। टीम ने दोनों महिलाओं को रेस्क्यू कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दिघवारा पहुंचाया, ताकि प्रसव के समय किसी तरह की आपात स्थिति उत्पन्न न हो। इनमें से अमृता कुमारी का सुरक्षित प्रसव सीएचसी दिघवारा में हो चुका है। इससे स्वास्थ्य विभाग की पूर्व तैयारी और गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान की उपयोगिता सामने आई है।

बाढ़ में भी नहीं टूटी सुरक्षित प्रसव की कड़ी

बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचना होती है। सड़कें जलमग्न होने और संपर्क मार्ग बाधित होने के कारण सामान्य परिवहन व्यवस्था कई बार काम नहीं कर पाती। इसी को देखते हुए सारण स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में पहले से मेडिकल टीमों की तैनाती की है। मोबाइल मेडिकल टीम और नौका एंबुलेंस को भी सक्रिय रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाएं दुर्गम इलाकों तक पहुंचाई जा सकें। अकिलपुर में सुरक्षित प्रसव और दो गर्भवती महिलाओं का रेस्क्यू इसी व्यवस्था की सफलता का उदाहरण है।

कई प्रखंडों में तैनात हैं मेडिकल टीमें

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले में अलग-अलग स्थानों पर मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। वर्तमान में रिविलगंज में 3 मेडिकल टीमें, सदर प्रखंड में 4 मेडिकल टीमें, सोनपुर में 4 मेडिकल टीमें, दिघवारा में 2 मेडिकल टीमें, मकेर में 1 मेडिकल टीम तैनात की गई हैं। इनके अलावा नौका एंबुलेंस टीम और मोबाइल मेडिकल टीम भी सक्रिय हैं। सभी टीमों को आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्री के साथ फील्ड में भेजा गया है।

नौका एंबुलेंस बनी बाढ़ग्रस्त गांवों की जीवनरेखा

बाढ़ के कारण दियारा और निचले क्षेत्रों के कई गांवों तक सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे समय में नौका एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। नौका एंबुलेंस के जरिए मेडिकल टीम, आवश्यक दवाएं और चिकित्सा सामग्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही हैं। आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को सुरक्षित स्थान या स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। अकिलपुर जैसे क्षेत्रों में यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां सड़क मार्ग से तत्काल पहुंचना संभव नहीं है।

जीवन रक्षक दवाओं के साथ मैदान में स्वास्थ्य विभाग

सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जीवन रक्षक एवं आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मेडिकल टीमें अपने साथ जरूरी दवाएं लेकर क्षेत्र में पहुंच रही हैं। बाढ़ के दौरान बुखार, दस्त, त्वचा संबंधी संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही पहले से किसी बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों को नियमित दवाओं की आवश्यकता होती है। इसलिए टीमों को आवश्यक दवाओं के साथ तैनात किया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों को मौके पर ही उपचार और दवा उपलब्ध कराई जा सके।

गर्भवती, नवजात और बुजुर्गों पर विशेष नजर

डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्य टीमें क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रसव की संभावित तिथि के करीब पहुंच चुकी गर्भवती महिलाओं की पहचान कर रही हैं। ऐसी महिलाओं को समय रहते सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों और नवजातों में बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान, बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच तथा पहले से बीमार मरीजों को नियमित दवाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

डीएम कर रहे हैं लगातार मॉनिटरिंग

बाढ़ की स्थिति के बीच जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव मेडिकल टीमों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अकिलपुर में मेडिकल टीम द्वारा सुरक्षित प्रसव कराने के प्रयास की भी जिलाधिकारी ने सराहना की है। जिला प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बाढ़ के कारण किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न होना पड़े।

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Related Articles

Back to top button