क्राइमबिहार

SHO Arrested: खाकी पर लगा वसूली का दाग! 75 हजार में रिहाई और 55 हजार में केस से नाम हटाने का आरोप, थानेदार समेत 4 गिरफ्तार

जादोपुर थानाध्यक्ष समेत चार गिरफ्तार

गोपालगंज। कानून के रखवाले पर ही कानून के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगने के बाद गोपालगंज पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जादोपुर थाने में पद का दुरुपयोग, लोगों को मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर कथित अवैध वसूली, महिला और उसकी नाबालिग बेटी को बिना आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में रखने तथा जांच को प्रभावित करने के मामले में पुलिस ने तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में अवैध वसूली से जुड़े कई गंभीर आरोप सामने आने के बाद जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, राजू यादव, राकेश कुमार और महंत कुमार यादव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी से कराई गई थी। जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

16 अगस्त को मिली थी शिकायत

गोपालगंज एसपी को 16 अगस्त को जादोपुर थाने से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में तत्कालीन थानाध्यक्ष पर पद का कथित रूप से दुरुपयोग करने और लोगों से अवैध रूप से पैसे लेने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी।

जांच के दौरान शिकायत से संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की गई। पुलिस के मुताबिक, जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

महिला और नाबालिग बेटी को 36 घंटे रखने का आरोप

पुलिस जांच में एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी समेत कुछ अन्य लोगों को करीब 36 घंटे तक थाना परिसर में रखने की बात सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि इन्हें आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना हिरासत में रखा गया।

इसके अलावा कुछ ग्रामीणों को मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर कथित रूप से 50 हजार रुपये मांगने और वसूलने का आरोप भी जांच में सामने आया है।

छोड़ने के नाम पर 75 हजार, केस से नाम हटाने के लिए 55 हजार मांगने का आरोप

जांच में पुलिस के सामने एक और गंभीर आरोप आया। पुलिस के अनुसार, महिला और उसकी नाबालिग बेटी को थाना से छोड़ने के नाम पर 75 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। वहीं, एक व्यक्ति का नाम केस से हटाने के लिए 55 हजार रुपये लेने की बात भी जांच में सामने आई है।

इन आरोपों को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर प्राथमिकी में शामिल किया है।

चौकीदारों से कराया जा रहा था थाना लेखक का काम

पुलिस जांच में थाने के कुछ चौकीदारों से उनके निर्धारित कार्य के अतिरिक्त थाना लेखक का काम कराए जाने का आरोप भी सामने आया है। इसके अलावा गवाहों को डराने-धमकाने और मामले की जांच को प्रभावित करने के प्रयास किए जाने की बात भी पुलिस ने कही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सामने आए प्रत्येक बिंदु की पड़ताल की जा रही है और इसमें संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत दो चौकीदार निलंबित

मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम समेत संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की है। पुलिस के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष और दो चौकीदारों को निलंबित किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एसपी बोले—पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं

गोपालगंज एसपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी पद का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, अवैध वसूली या जांच को प्रभावित करने का प्रयास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद निष्पक्ष जांच कराई गई और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जादोपुर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठे आरोपों की गंभीरता सामने आई है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि कथित अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस पूरे प्रकरण में कितनी रकम की लेनदेन हुई।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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