छपरा

PM Surya Ghar Yojna: अब सारण में घर के छतों पर सोलर लगवाने पर मिलेगा 98 हजार रूपये, पीएम सूर्यघर योजना के लिए विशेष कैंप

₹78 हजार केंद्र की सब्सिडी, ₹20 हजार देगी बिहार सरकार

छपरा। सारण में घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर बिजली खर्च कम करने की दिशा में प्रशासन ने अभियान तेज करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जिले में मिशन मोड में लागू करने के लिए बुधवार से प्रखंडों और नगर निकायों में तीन दिवसीय विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देने के साथ आवेदन, बैंक ऋण और सोलर रूफटॉप से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान कराने की व्यवस्था की जाएगी।

जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को योजना की प्रगति और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए पंचायत और नगर निकाय स्तर तक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।

बुधवार से शुक्रवार तक विशेष कैंप

डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और नगर निकायों के पदाधिकारियों को बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को तीन दिवसीय विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया है। शिविरों में उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, बैंक ऋण और रूफटॉप सोलर सिस्टम से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

कैंप में संबंधित बैंकों के प्रतिनिधि, कनीय अभियंता (JE), अधिकृत सोलर वेंडर्स, पूर्व लाभार्थी, जनप्रतिनिधि और बड़े व्यवसायियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उपभोक्ताओं को आवेदन करने में आने वाली व्यावहारिक परेशानियों का यथासंभव मौके पर ही समाधान कराया जाए।

30 से 35 हजार उपभोक्ताओं पर विशेष नजर

प्रशासन के अनुसार सारण जिले में करीब 30 से 35 हजार ऐसे बिजली उपभोक्ता हैं, जिनका मासिक बिजली बिल कई मामलों में करीब ₹1,900 तक पहुंचता है। ऐसे उपभोक्ताओं को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर उनके बिजली खर्च में लंबे समय तक बचत कराई जा सकती है।जिला प्रशासन का जोर ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना के प्रति जागरूक करने और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने पर है।

योजना में कितनी आर्थिक मदद?

बैठक में बताया गया कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत 3 किलोवाट और उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹20,000 का प्रावधान किए जाने की जानकारी दी गई।

योजना/लाभउपलब्ध राशि/जानकारी
केंद्रीय सब्सिडी₹78,000 तक
राज्य सरकार का अतिरिक्त प्रावधान₹20,000
संभावित कुल सहायता₹98,000 तक*
विशेष कैंपबुधवार से शुक्रवार
लक्षित उपभोक्ताकरीब 30-35 हजार
कई उपभोक्ताओं का मासिक बिलकरीब ₹1,900 तक
उदाहरण के तौर पर मासिक EMIकरीब ₹1,000-₹1,200

कुल सहायता वास्तविक पात्रता, सिस्टम क्षमता और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।

₹1,000-₹1,200 EMI से भी ले सकेंगे योजना का लाभ

बैठक में बताया गया कि जिन उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने के लिए बैंक ऋण की आवश्यकता है, वे लगभग ₹1,000 से ₹1,200 की मासिक EMI के माध्यम से भी योजना का लाभ ले सकते हैं। सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन होने के बाद उपभोक्ताओं को लंबे समय में बिजली खर्च में बचत का लाभ मिल सकता है।

प्रशासन का मानना है कि नियमित रूप से अधिक बिजली बिल का भुगतान करने वाले परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम आर्थिक रूप से उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।

छोटी कमियों के आधार पर ऋण आवेदन खारिज नहीं करें: डीएम

जिला पदाधिकारी ने बैंक प्रतिनिधियों को ऋण आवेदनों के निपटारे को लेकर विशेष निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छोटी तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों के आधार पर पीएम सूर्यघर योजना के तहत ऋण आवेदन अनावश्यक रूप से अस्वीकृत नहीं किए जाएं।

डीएम ने सिबिल स्कोर, गृहस्वामी के नाम और योजना आवेदन में नाम की मामूली भिन्नता तथा विद्युत कनेक्शन के पूर्व निर्धारित लोड और आवेदन में दिए गए लोड में अंतर जैसे मामलों में नियमानुसार समाधान निकालने पर जोर दिया।

उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों और संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ ऐसे मामलों का समाधान करने का निर्देश दिया, ताकि पात्र लाभार्थी केवल प्रक्रियागत कारणों से योजना के लाभ से वंचित न हों।

पंचायत से नगर निकाय तक चलेगा जागरूकता अभियान

डीएम ने योजना को केवल विशेष कैंपों तक सीमित नहीं रखने का निर्देश दिया। पंचायतों और नगर निकायों में व्यापक प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है। लोगों को योजना के फायदे, आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी और बैंक ऋण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।

इसके लिए जनप्रतिनिधियों, सोलर सिस्टम के पूर्व लाभार्थियों और अधिकृत वेंडर्स की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों के बीच मौजूद भ्रम और तकनीकी जानकारी के अभाव को दूर कर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को आवेदन के लिए प्रेरित किया जाए।

वरीय अधिकारी करेंगे कैंपों का निरीक्षण

विशेष कैंपों की व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तर के वरीय अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। डीएम ने सभी वरीय पदाधिकारियों को प्रखंड और नगर निकाय स्तर पर आयोजित कैंपों का स्वयं निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कर्मियों की उपस्थिति, आम लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, आवेदन प्रक्रिया और योजना से संबंधित जानकारी की व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया है।

मिशन मोड में काम करने का निर्देश

बैठक में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों, बैंक प्रतिनिधियों, कनीय अभियंताओं और अधिकृत वेंडर्स को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले की आबादी और क्षमता के अनुरूप निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से हासिल किया जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में प्रखंड एवं अन्य स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी हाइब्रिड मोड में आयोजित बैठक में उपस्थित रहे।

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Related Articles

Back to top button