MNREGA Scam In Chhapra: सारण में मनरेगा की 4 योजनाओं में घोटाला, अधिकारी समेत मुखिया पर FIR दर्ज, 3.21 लाख की वसूली के आदेश
NMMS जांच में फर्जी हाजिरी का खेल बेनकाब

छपरा। सारण जिले में मनरेगा कार्यों में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए इस्तेमाल होने वाले नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) एवं NIC की टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में कई कार्यस्थलों पर या तो मजदूर मौजूद नहीं मिले या फिर भुगतान और कार्य की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए राशि वसूली, प्राथमिकी दर्ज कराने, जुर्माना लगाने तथा मेट का निबंधन रद्द करने का आदेश दिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, विभागीय पत्रांक-962 दिनांक 19 जून 2026 के आलोक में सदर प्रखंड की मौना एवं लोहड़ी पंचायत तथा सोनपुर प्रखंड की नयागांव पंचायत में मनरेगा योजनाओं की जांच कराई गई। जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारी, पंचायत तकनीकी सहायक, कनीय अभियंता, पंचायत रोजगार सेवक, मुखिया एवं मेट के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
MoRD और NIC की टीम ने किया था सत्यापन
13 जून 2026 को MoRD एवं NIC की संयुक्त टीम ने सदर प्रखंड के मौना और लोहड़ी पंचायत तथा सोनपुर प्रखंड के नयागांव पंचायत में चल रही मनरेगा योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। सत्यापन के दौरान कार्यस्थलों पर दर्ज उपस्थिति और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर मिला। इसके बाद निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) तथा सहायक अभियंता, मनरेगा ने विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपी।
योजना-1 : भुगतान हुआ, लेकिन काम नहीं मिला अनुरूप
योजना: ग्राम जमुना (मौना पंचायत) में बदरी राय के खेत से फटा पीपल तक पईन सफाई
योजना कोड: IC/20651075
प्राक्कलित राशि: ₹4,88,293
जांच में क्या मिला
- अब तक ₹3,21,703 का भुगतान किया जा चुका था।
- भुगतान के अनुरूप कार्य स्थल पर काम नहीं मिला।
- निरीक्षण के समय 22 मजदूर मौजूद थे, लेकिन उनकी NMMS से उपस्थिति दर्ज नहीं थी।
- जांच टीम ने आशंका जताई कि टीम के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद जल्दबाजी में मजदूरों को बुलाया गया।
कार्रवाई
- कार्यक्रम पदाधिकारी, सदर
- मुखिया, ग्राम पंचायत मौना
- पंचायत तकनीकी सहायक सत्येन्द्र यादव
- कनीय अभियंता सुहैल अख्तर नोमानी
- पंचायत रोजगार सेवक अंजय कुमार
इन सभी से ₹3,21,703 की वसूली का आदेश दिया गया।
साथ ही पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक और मेट के खिलाफ फर्जी NMMS उपस्थिति एवं सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया।
इस संबंध में मुफ्फसिल थाना कांड संख्या-495/26, दिनांक 09 जुलाई 2026 दर्ज कर लिया गया है।
योजना-2 : योजना शुरू, लेकिन जमीन पर काम नहीं
योजना: लालू सिंह के खेत से बबलू प्रसाद के खेत तक पईन सफाई
योजना कोड: IC/20663477
प्राक्कलित राशि: ₹4,93,669
जांच में क्या मिला
- योजना 2 जून 2026 से शुरू दिखाई गई।
- मौके पर कोई कार्य नहीं मिला।
- भुगतान नहीं हुआ था।
- निरीक्षण के दौरान 25 मजदूर मौजूद थे, लेकिन NMMS में उपस्थिति दर्ज नहीं थी।
कार्रवाई
इन अधिकारियों एवं कर्मियों पर मनरेगा अधिनियम की धारा-25 के तहत ₹1,000-₹1,000 का जुर्माना लगाया गया।
- कार्यक्रम पदाधिकारी
- मुखिया
- पंचायत तकनीकी सहायक
- कनीय अभियंता
- पंचायत रोजगार सेवक
योजना-3 : लोहड़ी पंचायत में भी मिली वही गड़बड़ी
योजना: उदय सिंह के खेत से विनोद कुमार के खेत तक पईन सफाई
योजना कोड: IC/20662606
प्राक्कलित राशि: ₹4,38,420
जांच में क्या मिला
- योजना शुरू दिखाई गई, लेकिन कार्य नहीं हुआ।
- भुगतान नहीं किया गया था।
- निरीक्षण के समय 25 मजदूर मौजूद थे, लेकिन NMMS में उपस्थिति नहीं थी।
कार्रवाई
इन सभी पर ₹1,000-₹1,000 जुर्माना लगाया गया
- कार्यक्रम पदाधिकारी
- मुखिया
- पंचायत तकनीकी सहायक
- कनीय अभियंता
- पंचायत रोजगार सेवक
- मेट
साथ ही मेट का निबंधन रद्द (विलोपित) करने का आदेश दिया गया।
योजना-4 : नयागांव में मजदूर नहीं मिले
योजना: द साई ग्रीन से मठ चिलावा सीवान तक पईन उड़ाही कार्य
योजना कोड: IC/20609433
प्राक्कलित राशि: ₹4,97,012
जांच में क्या मिला
- निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर एक भी मजदूर नहीं मिला।
- उस दिन का NMMS रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था।
- पंचायत रोजगार सेवक ने सफाई दी कि सुबह 5:30 बजे उपस्थिति दर्ज की गई थी, लेकिन पानी भर जाने के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका।
जांच टीम ने इस स्पष्टीकरण को अस्वीकार्य माना।
कार्रवाई
इन सभी पर ₹1,000-₹1,000 जुर्माना लगाया गया—
- कार्यक्रम पदाधिकारी रीना कुमारी
- मुखिया, नयागांव पंचायत
- पंचायत तकनीकी सहायक कन्हैया लाल शर्मा
- कनीय अभियंता शुभ्रमणी
- पंचायत रोजगार सेवक शिवशरण दास
- मेट सतीश कुमार
साथ ही मेट का निबंधन समाप्त करने का आदेश दिया गया।
प्रशासन ने दिए सख्त संकेत
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा योजनाओं में किसी भी प्रकार की फर्जी उपस्थिति, सरकारी धन के दुरुपयोग या कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध वित्तीय दंड, राशि की वसूली, प्राथमिकी तथा अन्य विभागीय कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और डिजिटल मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- July 10, 2026छपराMNREGA Scam In Chhapra: सारण में मनरेगा की 4 योजनाओं में घोटाला, अधिकारी समेत मुखिया पर FIR दर्ज, 3.21 लाख की वसूली के आदेश
- July 10, 2026करियर – शिक्षाBPSSC Prohibition SI Exam: सारण के 26 केंद्रों पर होगी मद्य निषेध सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा, 13 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
- July 10, 2026छपराPM Surya Ghar Yojana: ₹78 हजार तक सब्सिडी, डीएम बोले- यह सबसे उपभोक्ता-फ्रेंडली और किफायती योजना
- July 10, 2026क्राइमChhapra Crime News: कूड़ा फेंकने के विवाद में हुई थी हत्या, दो भाइयों को उम्रकैद की सजा



