बिहार की सड़कों पर दौड़ेंगी 400 एसी ई-बसें, बीएसआरटीसी ने किया बड़ा एग्रीमेंट
यात्रियों को मिलेगी हाईटेक सफर की सौगात

पटना। राज्य में आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं यात्री-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (मोहुआ) की ओर से संचालित पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ,परिवहन विभाग और ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच पटना स्थित होटल मौर्या में 400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
पटना, गयाजी समेत छह शहरों में होगा परिचालन
योजना के अंतर्गत बिहार को 35 एवं 42 सीटर की कुल 400 अत्याधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी। इनका परिचालन पटना, गयाजी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा एवं पूर्णिया में किया जाएगा। प्रथम चरण में अगले महीने यानी जुलाई से 200 बसों का परिचालन प्रारंभ किया जाएगा, जिनमें महिलाओं की सुरक्षित एवं सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 50 बसों का संचालन विशेष पिंक बस के रूप में किया जाएगा।
प्रदूषण में आयेगी कमी – परिवहन मंत्री
कार्यक्रम में परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि पीएम ई-बस सेवा योजना बिहार के शहरी परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी। यह केवल बसों की संख्या बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने का एक व्यापक प्रयास है। इन बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन पर निर्भरता घटेगी तथा लोगों को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी ई-बसें
सभी बसों में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी किट, फर्स्ट एड किट तथा मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह बसें आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित होंगी।
छह प्रमंडलों में विकसित किये जा रहे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
ई-बसों के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक 50 बस पर निगम के सभी छह प्रमंडलों में ऊर्जा विभाग के सहयोग से आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक बस डिपो में 50 बसों की क्षमता के लिए कुल आठ फास्ट चार्जिंग तकनीक आधारित चार्जर लगाए जाएंगे, जिनकी सहायता से बसों को लगभग 1 से 1.5 घंटे में पूर्ण रूप से चार्ज किया जा सकेगा।
यात्रियों को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएं होंगी उपलब्ध – परिवहन सचिव
परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन बसों के शुरू होने से बिहार के प्रमुख शहरों में यातायात प्रबंधन बेहतर होगा तथा यात्रियों को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए आवश्यक चार्जिंग एवं परिचालन अवसंरचना का विकास भी समानांतर रूप से किया जा रहा है।
सार्वजनिक परिवहन को नई गति मिलेगी – प्रशासक
निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने कहा कि यह कंसेशन एग्रीमेंट राज्य में हरित एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य में बस टर्मिनलों के आधुनिकीकरण, ई-टिकटिंग व्यवस्था तथा यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। ई-बसों का यह बेड़ा सार्वजनिक परिवहन को नई गति और नई पहचान प्रदान करेगा।
बीएसआरटीसी द्वारा राज्य में आधुनिक बस टर्मिनल के लिए अपने कुल 31 बस डिपो/स्टैंड को आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार के माध्यम से पीपीपी मोड पर विकसित कर रहा है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान मिल सके।
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