
छपरा। सारण जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र शिल्हौड़ी स्थित बाबा शिलानाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन अब सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। खासकर श्रावणी सोमवारी और महाशिवरात्रि जैसे बड़े अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिसे लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
डीएम ने किया निरीक्षण
इसी कड़ी में मंगलवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में मंदिर परिसर में सुरक्षा ऑडिट एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर प्रबंधन समिति, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ वर्तमान व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम भीड़ प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, शौचालय तथा तकनीकी निगरानी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन ने निर्देश दिया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित करने के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही भगदड़ जैसी स्थिति से बचाव के लिए प्रवेश और निकास मार्ग पूरी तरह अलग-अलग बनाए जाएं।
सुरक्षा के लिए लगेगा CCTV कैमरा
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर परिसर और पहुंच मार्गों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा बड़े आयोजनों के दौरान लगातार वीडियोग्राफी कराने का भी निर्देश दिया गया। प्रशासन ने मंदिर तक जाने वाले रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि मंदिर परिसर के आसपास व्यवस्थित पार्किंग और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल वैकल्पिक पार्किंग स्थल चिन्हित करने और अस्थायी व स्थायी दोनों स्तरों पर शौचालय एवं मूत्रालय की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा भीड़ प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए एक वैकल्पिक निकास मार्ग तलाशने को कहा गया, ताकि विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में मंदिर परिसर के समग्र विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी मढ़ौरा एवं मंदिर प्रबंधन समिति को संयुक्त रूप से एक इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। इस योजना को बिहार सरकार के पर्यटन department को भेजा जाएगा, ताकि शिलानाथ मंदिर को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी मढ़ौरा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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