Jamin Registry: अब 80 वर्ष या इससे अधिक के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा, बनेगी मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट
कैबिनेट की बैठक में वृद्धजनों के लिए सरकार ने लिया बड़ा निर्णय

पटना। अब राज्य में 80 वर्ष या इससे अधिक उम्र के वृद्धजनों को घर बैठे जमीन समेत अन्य किसी तरह का निबंधन कराने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की तरफ से मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट का गठन किया जाएगा।
यह विशेष वैन संबंधित बुजुर्ग के घर जाकर उनका बॉयोमैट्रिक प्रिंट लेने के साथ ही सभी संबंधित दस्तावेज जमा करेगी और रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया संपन्न करेगी।
राज्य में पहली बार शुरू होने जा रही इस सुविधा से संबंधित निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इसकी जानकारी मंत्रीमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इसके लिए शुल्क का भुगतान पहले ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। इसके बाद निबंधन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। पेपरलेस निबंधन की इस प्रक्रिया से पक्षकारों को भौतिक रूप से दस्तावेज तैयार नहीं करना होगा।
पुलिस दीदी को मिलेगी स्कूटी
स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान समेत ऐसे अन्य स्थानों पर विधि-व्यवस्था को बनाए रखने और महिलाओं या लड़कियों की विशेष सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी का गठन किया जा रहा है। इनके लिए 1500 स्कूटी की खरीद की जाएगी। इसके लिए 18 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसी तरह पुलिसकर्मियों के लिए 3200 मोटरसाइकिल खरीदने के लिए 48 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
ईआरएसएस भवन के लिए 172 करोड़ जारी
पटना के राजीव नगर में ईआरएसएस यानी डॉयल-112 और राज्य पुलिस डाटा सेंटर का स्थाई सात मंजिला भवन तैयार करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 172 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा राज्य में बहुमंजिली भवनों को आग से सुरक्षा प्रदान करने के लिए 62 मीटर ऊंचाई के 1 हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म सह टर्न टेबल एरीयल लैडर की खरीद के लिए 12 करोड़ 95 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
वहीं, पटना जिला के पुनपुन अंचल के डुमरी मौजा में 50 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंसेस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) का बिहार कैंपस तैयार होगा। यहां केंद्रीय एफएसएल भी बनेगा। इसकी केंद्र सरकार से सहमति बन गई है। इसके लिए 287 करोड़ 16 लाख 95 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कैबिनेट में लिए गए अन्य प्रमुख निर्णय
- मुंगेर जिला के तारापुर में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करने के लिए कृषि विभाग की 15 एकड़ 1 डिसमिल जमीन को मुफ्त पर्यटन विभाग को ट्रांसफर किया जाएगा। बाद में इस क्षेत्र को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र को स्थानांतरित किया जाएगा।
- सारण जिला स्थित सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए 680 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
- सामूहिक दुर्घटना को राज्य की विशेष स्थानीय प्रकृति की आपदा में शामिल करते हुए इसमें मारे गए सभी व्यक्तियों के परिजनों या गंभीर रूप से घायलों को अनुग्रह अनुदान की राशि प्रदान की जाएगी। 2021 में इस योजना बंद कर दिया गया था। अब इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।
- अब जल्द ही सभी विभागों से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए एक नंबर की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग में सहयोग नाम से एक हेल्पलाइन शुरू की जा रही है। इस पर किसी भी विभाग से जुड़ी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
- सोनपुर तथा अजगैबीनाथ धाम (भागलपुर) में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार किया जाएगा। इसके लिए निविदा के आधार पर चयनित एजेंसी को परामर्श शुल्क के तौर पर 5 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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