Sonpur Inter Multi Modal Terminal: सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित कालुघाट इंटर मल्टी मॉडल टर्मिनल (आईएमएमटी) के संचालन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। मार्च महीने से कार्गो सेवा शुरू करने के लक्ष्य को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कालुघाट टर्मिनल का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर टर्मिनल को शीघ्र संचालन योग्य बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य में आ रही ड्रेजिंग समेत अन्य तकनीकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों और इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) के अधिकारियों से कहा कि चल रहे कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि निर्धारित समय पर कार्गो सेवा शुरू की जा सके।
सामुदायिक जेटी और नए घाटों के निर्माण पर जोर
परिवहन मंत्री ने निर्माणाधीन सामुदायिक जेटी के कार्य को भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डोरीगंज से कालुघाट के बीच व्यापारिक दृष्टिकोण से संभावित घाटों की पहचान कर उनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा, ताकि जलमार्ग से व्यापार को और अधिक गति मिल सके।
नेपाल और पश्चिम बंगाल के बीच बनेगा प्रमुख कार्गो हब
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि कालुघाट आईएमएमटी का मुख्य उद्देश्य नेपाल–बिहार–पश्चिम बंगाल के बीच कार्गो आवागमन को सुगम बनाना है। नेपाल से सड़क मार्ग के जरिए माल कालुघाट तक पहुंचेगा और यहां से जलमार्ग के माध्यम से सीधे पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक भेजा जाएगा। इसी रूट से हल्दिया से बड़े कंटेनर वापस कालुघाट लाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कालुघाट एक बड़े व्यापारिक हब के रूप में विकसित होगा, जिससे सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा और माल ढुलाई सस्ती, तेज एवं पर्यावरण अनुकूल बनेगी।
जलमार्ग: सस्ता, तेज और पर्यावरण के अनुकूल
मंत्री ने बताया कि जलमार्ग से माल ढुलाई अन्य साधनों की तुलना में कहीं अधिक किफायती है।
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ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन:
- जलमार्ग – 15 ग्राम प्रति टन-किमी
- रेल – 28 ग्राम
- सड़क – 64 ग्राम
एक लीटर ईंधन से ढुलाई क्षमता:
- जलमार्ग – 105 टन
- रेल – 85 टन
- सड़क – 24 टन
लागत (प्रति टन-किमी):
- जलमार्ग – ₹1.30
- रेल – ₹2.41
- सड़क – ₹3.62
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जल परिवहन न केवल किफायती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है।
कालुघाट आईएमएमटी की प्रमुख सुविधाएं
गंगा नदी के तट पर स्थित कालुघाट इंटर मल्टी मॉडल टर्मिनल (राष्ट्रीय जलमार्ग-1) पर कुल 82 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत आई है। यह टर्मिनल 13.17 एकड़ भूमि में फैला हुआ है।
- एक बर्थ का निर्माण किया गया है
- वार्षिक 77 हजार कंटेनर हैंडलिंग क्षमता
- 2,895 वर्ग मीटर का कंटेनर भंडारण यार्ड
- टर्मिनल प्रशासन भवन
- विद्युत उपकेंद्र भवन
- वेट ब्रिज नियंत्रण कक्ष
सुरक्षा कक्ष और पंप हाउस जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं इसके चालू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती, नए रोजगार के अवसर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा।
बिहार को मिलेगी जल परिवहन में नई पहचान
परिवहन मंत्री ने कहा कि कालुघाट टर्मिनल के शुरू होने से बिहार को जल परिवहन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और जलमार्ग विकास परियोजना के लक्ष्यों को साकार करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में 17 स्थानों पर नए सामुदायिक जेटी का निर्माण कार्य चल रहा है। वर्तमान में मौजूद 21 जेटी को भी जल्द ही राजस्व विभाग से हस्तांतरित किया जाएगा।
इन स्थानों पर हो रहा जेटी निर्माण
राज्य में जिन प्रमुख स्थानों पर सामुदायिक जेटी का निर्माण हो रहा है, उनमें सिमरिया घाट, अयोध्या घाट, चित्रोर घाट, एनआईटी घाट, कोनहारा घाट, हरिहरनाथ मंदिर (सोनपुर), कहलगांव, खवासपुर, कंगन, पत्थर घाट, ग्यासपुर पीपापुल, चाकोसन पीपापुल सहित अन्य स्थान शामिल हैं। कालुघाट आईएमएमटी के संचालन से न केवल सारण बल्कि पूरे बिहार में व्यापार, परिवहन और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।